September 25, 2022
Vietnam-India: राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह में वियतनाम के उप विदेश मंत्री ने भारत के समर्थन में उठाई आवाज

Vietnam-India: राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह में वियतनाम के उप विदेश मंत्री ने भारत के समर्थन में उठाई आवाज

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Vietnam-India: वियतनाम के उप विदेश मंत्री गुयेन मिन्ह वू ने भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक कार्यक्रम में कहा की,  वियतनाम (Vietnam-India) लगातार महत्व देता है और भारत के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता देता है.

भारतीय दूतावास ने आयोजित किया समारोह

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, हनोई में भारतीय दूतावास ने भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 15 अगस्त को होटल शेरेटन में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया. स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए, मिन्ह वू ने कहा की,

“हम भारत की एक्ट ईस्ट नीति के साथ खड़े हैं.  और आसियान के साथ भारत के संबंधों और इस अंग के विस्तार के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने की भारत की इच्छा का समर्थन करते हैं.”

मिन्ह वू ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी राजनीति, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार, निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे सभी द्विपक्षीय क्षेत्रों में मजबूती से विकसित हुई है.

मिन्ह वू ने आगे कहा की,

“हमने शांति, समृद्धि और लोगों के लिए संयुक्त वक्तव्य विजन को मंजूरी दे दी है. और 2021-2023 के लिए कार्य योजना को लागू करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. 13.2 बिलियन अमरीकी डालर के द्विपक्षीय व्यापार कारोबार और 2021 में भारत से 1 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक के निवेश के अलावा, हमारे संबंधों ने पिछले 50 वर्षों में कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर भी दर्ज किए हैं.”

वियतनाम और भारत के संबंध हैं ऐसे

मिन्ह वू ने कहा कि वियतनाम और भारत दोनों लंबे समय से चले आ रहे पारंपरिक बंधन पर गर्व करते हैं. मिन्ह वू ने आगे कहा कि, “हजारों साल पहले लगाए गए इस रिश्ते का पौधा तब से जड़ जमा चुका है और शांतिपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक आदान-प्रदान के माध्यम से फला-फूला है. यह एक ऐसा बंधन है जो केवल मजबूत होता है और समय की कसौटी पर खरा उतरता है.”

पिछले 75 वर्षों में सभी क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए, मिन्ह वू ने कहा कि वियतनाम पूरी तरह से मानता है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत और उसके लोग और भी बड़ी सफलताएँ प्राप्त करेंगे और भारत को रैंकों में स्थान देंगे.

इस अवसर पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, वियतनाम बौद्ध संघ सहित महत्वपूर्ण संगठनों के प्रमुख हनोई में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के राजदूत और प्रतिनिधि और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

डिफेंस बेस साझा करतें हैं वियतनाम और भारत

भारत और वियतनाम ने 8 जून को 2030 तक रक्षा संबंधों के दायरे और पैमाने को और व्यापक आधार देने के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट पर साइन किया था. भारत और वियतनाम के रिश्ते बहुत मजबूत रहें हैं.

भारत और वियतनाम (Vietnam-India) ने दोनों पक्षों की सेनाओं को आपूर्ति की मरम्मत और पुनःपूर्ति के लिए एक-दूसरे के ठिकानों का इस्तेमाल करने की इजाजत देने के लिए एक रसद सहायता समझौते पर साइन किया था.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी और व्यावहारिक पहल पर व्यापक चर्चा की थी.

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