Uttarakhand में 13000 फीट पर एवलांच आने से 29 प्रशिक्षक फंसे, NDRF की टीम जुटी राहत बचाव के कार्य में

Uttarakhand: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में डोकरानी बामक ग्लेशियर में आज एवलांच आया. उत्तराखंड में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. बताया जा रहा है की, उत्तरकाशी में 29 पर्वतारोही हिमस्खलन में फंस गए हैं. NDRF ने राहत बचाव का कार्य शुरू कर दिया है.

Uttarakhand में मौसम बदल रहा करवट

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, जब यह घटना हुई तब कम से कम 170 पर्वतारोहियों का एक समूह प्रशिक्षण ले रहे थे. हिमस्खलन में फंसे प्रशिक्षुओं को बचाने के लिए एसडीआरएफ (NDRF) की टीमें देहरादून में सहस्त्रधारा हेलीपैड के रास्ते में हैं.

उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, आठ पर्वतारोहण प्रशिक्षुओं को अब बचा लिया गया है और उत्तरकाशी हिमस्खलन में फंसे शेष 21 और लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं. अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही उन्हें हिमस्खलन की सूचना मिली, वायुसेना को कार्रवाई में लगा दिया गया. बचे हुए लोगों को फिलहाल आईटीबीपी (ITBP) संचालित हेलीपैड पर लाया जा रहा है.

उत्तरकाशी क्षेत्र में बचाव और राहत कार्यों के लिए भारतीय वायुसेना द्वारा 2 चीता हेलीकॉप्टर तैनात किए गए थे. जहां नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की पर्वतारोहण टीम हिमस्खलन की चपेट में आ गई थी. IAF के अधिकारियों के अनुसार, अन्य सभी हेलिकॉप्टरों के बेड़े को भी किसी अन्य आवश्यकता के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है.

उत्तराखंड के सीएम ने ट्वीट कर के दी यह जानकारी

उत्तराखंड (Uttarakhand) के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया की, “नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के 28 प्रशिक्षुओं के द्रौपदी के डंडा-2 पर्वत शिखर पर हिमस्खलन में फंसने की सूचना मिली है. जिला प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सेना और आईटीबीपी (ITBP) के जवानों द्वारा तेजी से, राहत और बचाव अभियान जारी है.”

सीएम पुष्कर सिंह धामी का अधिकारिक ट्वीट…

इसके अलावा बता दें की, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि “जान गंवाने से दुखी हूं.” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उत्तराखंड के सीएम से बात की और स्थिति का जायजा लिया. रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि पर्वतारोहियों की मदद के लिए बचाव अभियान जारी है.

नव भारत टाइम्स छपी एक खबर के मुताबिक, इस बीच 6 से लेकर 8 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है. कुमाऊं क्षेत्र में अधिक बरसात होगी, जबकि गढ़वाल एरिया में भी असर रहेगा. वहीं दारमा घाटी में चीन सीमा के निकट स्थित अंतिम चौकी के समीप इस सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई.

केदारनाथ में भी हो चुगा है एवलांच

बीते दिनों ऐसा एक विडियो सामने आया था जिसमें दिख रहा था की, केदारनाथ में किस तरह से हिमस्खलन हुआ है. दावा किया गया है कि पहाड़ पर हुए एवलांच का वीडियो हेलीकॉप्टर से शूट किया गया था. इसके बारे में यह भी दावा किया जा रहा था कि यह शनिवार की सुबह का है.

केदारनाथ में आई आपदा के बाद से लोगों के अंदर एक डर सा बैठ गया है. केदारनाथ (Kedarnath) में जो आपदा आई थी उसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी. और कई लोग लापता भी हो गए थे. जिसके बाद से अभी तक ऐसी कोई भयंकर घटना नहीं हुई है.

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