September 29, 2022
Uttar Pradesh के लखीमपुर खीरी में दो बहनों के शव पेड़ से मिले लटके, दर्दनाक रेप का मामला आया सामने

Uttar Pradesh के लखीमपुर खीरी में दो बहनों के शव पेड़ से मिले लटके, दर्दनाक रेप का मामला आया सामने

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Uttar Pradesh : उत्तरी उत्तर प्रदेश राज्य (Uttar Pradesh) में हाशिए पर दलित समुदाय की दो बहनों के शव एक पेड़ से लटके पाए जाने के बाद भारत में हड़कंप मच गया है. पुलिस को संदेह है कि लखीमपुर खीरी जिले में 15 और 17 साल की दो लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उनकी हत्या कर दी गई. उन्होंने बताया कि छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है.

लखीमपुर खीरी के पुलिस प्रमुख संजीव सुमन ने बताई ये बातें

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर खीरी के पुलिस प्रमुख संजीव सुमन ने संवाददाताओं को बताया कि जिले के तमोली पुरवा गांव की रहने वाली दो नाबालिगों को बुधवार दोपहर पास के एक खेत में ले जाया गया और आरोपियों ने कथित तौर पर उनके साथ बलात्कार किया.

उन्होंने कहा की, “पुरुषों ने कथित तौर पर अपने दुपट्टे से उनका गला घोंट दिया और उन्हें एक पेड़ से लटका दिया. जांच जारी है.” पुलिस ने छह आरोपियों की पहचान छोटू, जुनैद, सोहेल, हाफिजुल, करीमुद्दीन और आरिफ के रूप में की है. उन्होंने कहा कि छोटू पीड़िता का पड़ोसी है और उसने कुछ दिन पहले दोनों बहनों को बाकी पुरुषों से मिलवाया था.

जानकार ऐसा मानते हैं की, दलित जिन्हें पहले अछूत कहा जाता था. भारत की जटिल जाति व्यवस्था में सबसे नीचे आते हैं. सदियों से, वे विशेषाधिकार प्राप्त जाति समूहों द्वारा उनकी सुरक्षा के लिए कानूनों के बावजूद भेदभाव और उत्पीड़न का शिकार हुए हैं.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का है इंतज़ार

लखीमपुर खीरी में एक निर्माण श्रमिक और लड़कियों के चाचा राम गौतम ने कहा कि परिवार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. चाचा ने मीडिया को बताया की, “हम हैरान हैं. छोटा एक हाई स्कूल का छात्र था और बड़ा एक स्कूल छोड़ने वाला था.”

बता दें की, दो दलित बहनों से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के विरोध में बुधवार को तमोली पुरवा गांव के निवासियों ने सड़क जाम कर दिया. एक्सपर्ट्स का कहना है की, उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित भारतीय राज्यों में से एक माना जाता है.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में 2021 में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं हकीकत

एनसीआरबी के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि भारत में 2015 और 2020 के बीच दलित महिलाओं के साथ बलात्कार की रिपोर्ट में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2020 में उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या कर दी गई थी.

पुलिस पर पीड़ित के शरीर को जबरन रात में जलाने का आरोप लगाने के बाद इस घटना ने हफ्तों तक विरोध और आक्रोश फैलाया. अपराध की रिपोर्ट करने जा रहे एक मुस्लिम पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया.

पिछले साल अक्टूबर में, उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक ऐसी ही घटना की सूचना मिली थी. जहां एक किशोर बलात्कार पीड़िता की आरोपी पड़ोसी ने हत्या कर दी थी और उसका शव एक पेड़ पर लटका दिया था. इसी राज्य के बदायूं जिले में 2014 में दो चचेरे भाइयों के शव एक पेड़ से लटके मिले थे.

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