UNSC में भारत की दो टूक, आतंकवाद को लेकर चीन, पाकिस्तान की खिंचाई

UNSC: भारत ने मंगलवार को आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा है. संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने चीन और पाकिस्तान  के  दोहरे रवैये पर उनको खरी  खोटी सुनाई है.

UNSC में लगी चीन और पाकिस्तान को फटकार

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में, चीन ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के दूसरे कमांडर अब्दुल रहमान मक्की की संयुक्त राष्ट्र सूची पर रोक लगा दी थी. चीन ने मक्की पर तकनीकी रोक लगा दी है जो 6 महीने तक चलेगी. अतीत में भी, बीजिंग ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM), मौलाना मसूद अजहर की सूची पर रोक लगा दी थी.

संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने अपने बयान में कहा है की,

“दोहरे मानकों और निरंतर राजनीतिकरण ने प्रतिबंध व्यवस्था की विश्वसनीयता को अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है. हमें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य एक स्वर में एक साथ उच्चारण कर सकते हैं. जितनी जल्दी हो सके, जब यह सामूहिक रूप से आता है. यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि आतंकवाद के मुद्दे पर बैठक यूएनएससी के चीन की महीने भर चलने वाली अध्यक्षता के अंतर्गत आती है.”

पाकिस्तान के बारे में, राजदूत ने यूएनएससी 1267 प्रतिबंध समिति के तहत सूचीबद्ध होने के बावजूद “पड़ोसी देश” में आतंकवादियों के लिए “राज्य आतिथ्य” (state hospitality) की ओर इशारा किया.  संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के रूप में पाकिस्तानियों की सबसे बड़ी संख्या में से एक को सूचीबद्ध किया है.

आतंकवाद-रोधी समिति की मेजबानी करेगा भारत

जानकारी के लिए बता दें की, अपने संबोधन के दौरान, राजदूत ने घोषणा की कि भारत 28 और 29 अक्टूबर को मुंबई और दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र (UNSC) की आतंकवाद-रोधी समिति के एक विशेष सत्र की मेजबानी करेगा. जो खतरे, सदस्य राज्यों की क्षमता अंतराल और सर्वोत्तम प्रथाओं की प्रकृति को उजागर करेगा.

उन्होंने आगे कहा की, रत इस खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आगे की कार्रवाई की तलाश कर रहा है. भारत आतंकवाद निरोधी समिति का अध्यक्ष है. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने काबुल में गुरुद्वारे पर हुए हालिया हमलों का भी जिक्र किया और उन्हें बेहद खतरनाक बताया है. पाकिस्तान ने हमेशा से उन आतंकवादियों को पनाह दी है जिन्होंने ने भारत में हमला करने की कोशिश की है.

अफगानिस्तान में सिखों और गुरुद्वारों पर कई हमलों के कारण अल्पसंख्यक समुदाय का पलायन हुआ है. क्योंकि कई लोग भारत में शरण लेने आते हैं. राजदूत ने जोर देकर कहा कि, “यूएनएससी द्वारा सूचीबद्ध समूहों जैसे लश्कर-ए-तैय्यबा और जैश-ए-मोहम्मद के साथ-साथ अफगानिस्तान से बाहर संचालित अन्य आतंकवादी समूहों द्वारा दिए गए भड़काऊ बयानों के बीच संबंध शांति के लिए सीधा खतरा हैं. और क्षेत्र की स्थिरता.”

पाकिस्तान और चीन ने हमेशा से उन लोगों का साथ दिया है जिन्होंने भारत को मुसीबत में डाला है या भारत की खिलाफ़त की है. पाकिस्तान हमेशा से भारत में अपने आतंकी पैर पसारना चाहता है. लेकिन आज तक कभी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ है. चीन भी हमेशा से भारत के खिलाफ योजना बनाया करता है. हालाँकि, चीन ने कभी भी खुलकर कुछ नहीं किया.

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