United Nations में भारत ने कहा की, अफ्रीका के साथ हमेशा भारत की साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी

United Nations:  भारत ने मंगलवार 11 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जोर देकर कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और अफ्रीकी संघ के बीच सहयोग बढ़ाने का समर्थन करते हैं. संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि, अफ्रीका के साथ साझेदारी भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी.

भारत और अफ्रीका के रिश्ते हमेशा रहेंगे मजबूत

रायटर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि की भारत और अफ्रीका के रिश्ते हमेशा मजबूत रहेंगे. आगे उन्होंने कहा की, अफ्रीकी राष्ट्र अल-कायदा और दाएश से जुड़े समूहों से आतंकवाद के लगातार खतरों का सामना करते हैं.

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कांबोज ने एक बार फिर देश की बात को सदन में मजबूती से रखा. उन्होंने मंगलवार देर रात सदन में अफ्रीका की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा पर बोलते हुए भारत का पक्ष रखा.

United Nations में भारत ने कहा की, अफ्रीका के साथ हमेशा भारत की साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी
United Nations में भारत ने कहा की, अफ्रीका के साथ हमेशा भारत की साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी

रुचिरा कांबोज ने अपने अधिकारिक ब्यान में कहा है की, “अफ्रीका के सामने सुरक्षा खतरा लगातार बढ़ रहा है और परिषद को वहां के सशस्त्र समूहों, आतंकवादी संगठनों  पर ध्यान देने की जरूरत है. भारत के लिए, अफ्रीका के साथ साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगे भी रहेगी.”

रुचिरा कंबोज पहले भी भारत का पक्ष मजबूती से रखती आई हैं. 28 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते भारत का पक्ष मजबूती से रखा था. उस वक़्त उन्होंने भारत की तरफ से कहा था की, रूस-यूक्रेन का युद्ध जो काफी समय से चल रहा है अब उसको रोक देना चाहिए. आगे उन्होंने कहा था की, यूक्रेन संघर्ष का स्वरूप अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

United nations में अफ्रीका को लेकर भारत का रहा ऐसा रुख

भारत और अफ्रीका के बीच संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, रुचिरा कंबोज ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्ष अनोखी मित्रता साझा करते हैं. उन्होंने यूएनएससी को बताया कि भारत के शांति सैनिकों ने 1960 के दशक से अफ्रीका में 22 मिशनों में काम किया है और वर्तमान में वे अफ्रीकी महाद्वीप में आठ संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत ने अफ्रीका के शांति सैनिकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि अफ्रीका की ग्रोथ वैश्विक व्यवस्था में वास्तविक सुधार के लिए आवश्यक है और भारत इसके प्रति प्रतिबद्ध है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने हमेशा द्विपक्षीय (bilateral) और बहुपक्षीय तंत्र (multilateral mechanisms) की प्राथमिकताओं के अनुसार अफ्रीका के साथ काम किया है. उन्होंने आगे कहा, “भारत के लिए, अफ्रीका के साथ साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हमेशा रहेगी.”

भारत की तरफ से किया गया अधिकारिक ट्वीट…

रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और अफ्रीकी संघ के बीच सहयोग को मजबूत करने का समर्थन करता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद द्वारा अफ्रीकी संघ को आवंटित वित्तीय सहायता को भी बढ़ावा देना चाहिए.

बता दें की पिछले वर्ष विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने अफ्रीका पर अपनी बात साझा करते हुए कहा था की, “द्विपक्षीय संबंधों के अनेक पहलुओं पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत अब अफ्रीका महाद्वीप का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है और 54 अरब डॉलर से अधिक के निवेश के साथ वहां पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है”

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