UNGA 77: पुर्तगाली प्रधानमंत्री ने भारत को सुरक्षा परिषद में शामिल करने का किया समर्थन

UNGA 77: पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने गुरुवार को यूएनएससी (UN Security Council) में स्थाई सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग का समर्थन किया. जिसमें भारत, ब्राजील और अफ्रीका महाद्वीप के नाम शामिल हैं.

प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने भारत का किया समर्थन

WION से मिली जानकारी के मुताबिक, पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने कहा की, संयुक्त राष्ट्र महासभा(UNGA 77)  के 77वें सत्र को संबोधित करते हुए, Pm एंटोनियो कोस्टा ने एक सुरक्षा परिषद (Security Council) की वकालत की और कहा की, सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए हमें छोटे देशो को भी शामिल करना चाहिए.

उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत है जो मजबूत हो. जो बिना डरे 21वीं सदी की चुनौतियों का जवाब देने में सक्षम हो.” प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने ऐसी सुरक्षा परिषद की मांग की जहां, अफ्रीकी उपमहाद्वीप और कम से कम ब्राजील तथा भारत की सदस्यता हो.

उन्होंने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की भी आलोचना की है. उन्होंने कहा की रूस ने उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN charter) का उल्लंघन किया है. बता दें की, उन्होंने न केवल रूसी आक्रमण की निंदा की बल्कि यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का भी समर्थन किया है.

पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने युद्ध की स्थिति को काबू करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों की भी प्रशंसा की. इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की भी सराहना की. उन्होंने कहा की खाद्य संकट और युद्ध पर काबू पाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अहम भूमिका निभाई है.

प्रधानमंत्री एंटोनियो ने G4 देशों के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा का ये बयान उस दिन आया जब उन्होंने (G4) के विदेश मंत्री से मुलाकात की और सुरक्षा परिषद (SC) सुधार पर चिंता व्यक्त की. बता दें की, G4  जर्मनी, भारत, ब्राजील और जापान सहित चार देशों का एक समूह है. जो UNSC में स्थायी सदस्य के रूप में एक दूसरे की स्थिति का समर्थन करते हैं.

पुर्तगाल के प्रधानमंत्री ने  गुरुवार को G4 देशों के विदेश मंत्री, कार्लोस अल्बर्टो फ्रेंको फ्रांका, ब्राजील के विदेश मंत्री, एनालेना बेरबॉक, जर्मनी के संघीय विदेश मंत्री, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मामलों के मंत्री योशिमासा हयाशी से मुलाकात की.

संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया की, G4 समूह ने संयुक्त राष्ट्र में तत्काल सुधार और बदलाव भी व्यक्त किए हैं. बढ़ी चुनौतियों पर संयुक्त राष्ट्र पूर्ण रूप से ध्यान देगा. हमको तत्काल बदलाव की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि हम बेहतर ढंग से रणनीति बना पाए. जिससे सभी का लाभ हो.

अर्थव्यवस्था को बचाए रखने के लिए उठाने होंगे कड़े कदम

संयुक्त राष्ट्र में मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि अंतर-सरकारी संगठन (inter-governmental organisation) को विकासशील देशों से अधिक प्रतिनिधित्व और भागीदारी की आवश्यकता है. आज दुनिया के सामने प्रभावी रूप से उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए और परिषद की क्षमता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रमुख फैसले लेने की आवश्यकता है.

जानकारों का कहना है की G4 देशों को आगे आना चाहिए और  साथ में कार्य अकर्ण चाहिए. अंतराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति वैसे भी कई देशो बहुत नाज़ुक है. इसलिए सभी देशों को अपने अपने देश को आगे बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को बचाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने होने.

 

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