September 26, 2022
UN agency का कहना है की तख्तापलट के बाद विलुप्त होने का सामना कर रहा म्यांमार ट्रेड यूनियन

UN agency का कहना है की तख्तापलट के बाद विलुप्त होने का सामना कर रहा म्यांमार ट्रेड यूनियन

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UN agency: संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल तख्तापलट में सत्ता संभालने वाले सैन्य प्रशासन के तहत म्यांमार के ट्रेड यूनियनों और नागरिक समाज संगठनों को विलुप्त होने के खतरे का सामना करना पड़ रहा है.

क्या ख़त्म हो जाएगा ट्रेड यूनियनों और नागरिक समाज संगठन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग द्वारा फरवरी 2021 के अधिग्रहण के बाद से श्रम संगठनों और अन्य नागरिक समाज समूहों को हिंसा, मनमानी गिरफ्तारी, छापे और बरामदगी, धमकी भरे फोन कॉल और निगरानी का सामना करना पड़ा है.

ILO ने कहा कि श्रमिकों और प्रवासियों की सहायता करने वाले समूहों के लक्षित उत्पीड़न ने संचालन करने की उनकी क्षमता को काफी सीमित कर दिया है. और आयोजकों को अपनी सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने काम में बड़े बदलाव करने के लिए मजबूर किया है.

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UN agency) ने कहा कि तख्तापलट के बाद से प्रतिबंधित किए गए और आधिकारिक तौर पर ब्लैकलिस्ट में शामिल नहीं किए गए दोनों संगठनों के लिए जोखिम बढ़ाए गए. अधिकारियों ने अक्सर भय पैदा करने, झूठी खबरें फैलाने या आंदोलन करने के बहाने नेताओं को गिरफ्तार किया.

पनुड्डा बूनपाला ने कहीं ये बातें

एशिया और प्रशांत के लिए आईएलओ के उप क्षेत्रीय निदेशक पनुड्डा बूनपाला ने कहा की,

“ट्रेड यूनियनों और नागरिक समाज संगठनों ने पिछले एक दशक में म्यांमार में श्रम अधिकारों की सुरक्षा बढ़ाने पर हुई प्रगति की नींव प्रदान की है. मामलों की वर्तमान स्थिति उनके अस्तित्व के लिए एक वास्तविक खतरे का प्रतिनिधित्व करती है.”

आगे उन्होंने कहा की, “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इन संगठनों के साथ खड़ा होना चाहिए ताकि उन्हें जीवित रहने और उनके महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखने में मदद मिल सके.” रिपोर्ट के लिए 21 यूनियनों और नागरिक समाज संगठनों के साथ साक्षात्कार आयोजित करने वाले ILO ने सिफारिश की कि अंतर्राष्ट्रीय संगठन उत्पीड़न का सामना करने वाले संगठनों के लिए विस्तारित और अधिक अप्रतिबंधित धन की अनुमति देने के लिए रिपोर्टिंग और उचित परिश्रम आवश्यकताओं को सरल या कम करें.

म्यांमार अस्थिरता और हिंसा से घिरा है

नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सेना द्वारा उखाड़ फेंकने के बाद से म्यांमार अस्थिरता और हिंसा से घिरा हुआ है. विश्व बैंक ने भविष्यवाणी की है कि 2021 में 18 फीसदी सिकुड़ने के बाद इस साल देश की अर्थव्यवस्था तीन फीसदी की दर से बढ़ेगी.

इस महीने की शुरुआत में, ILO ने अनुमान लगाया कि दक्षिण पूर्व एशिया के देश में COVID-19 महामारी और तख्तापलट से पहले की तुलना में 1.1 मिलियन कम नौकरियां थीं. बता दें की, तख्तापलट की ख़बर से देश में एक बार फिर डर का माहौल पैदा हो गया था.

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UN agency) के मुताबिक, 2011 में ही यहां पांच दशकों से चले आ रहे दमनकारी सैन्य शासन का अंत हुआ था. सू ची और उनकी एक वक्त की प्रतिबंधित रह चुकी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी ने 2015 में बीते 25 वर्षों में देखे गए सबसे स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के बाद देश का नेतृत्व किया था.

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