UN agency ने दी चेतावनी, कहा दुनिया के 50 प्रतिशत गरीबों को राहत देने की है ज़रूरत

UN agency: संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने मंगलवार को कहा कि 54 विकासशील देशों में दुनिया के आधे से अधिक सबसे गरीब लोगों को ‘वैश्विक संकट’ के परिणामस्वरूप तत्काल ऋण राहत की आवश्यकता है. UN agency ने कहा है की वैश्विक आर्थिक संकट गहरा रहा है.

UN agency ने वैश्विक स्तर पर दी चेतावनी

स्थाई मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक,  कॉमन फ्रेमवर्क मुख्य अंतरराष्ट्रीय ऋण (Common Framework in International Debt) राहत प्रस्ताव है जो आज कर्ज संकट से पीड़ित कुछ देशों के लिए खुला है. अधिकारिक रिपोर्ट्स में कहा गया है की,  गंभीर कर्ज की समस्या वाले 54 देशों में आज गंभीर गरीबी का आलम है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय  को गरीबी से निपटने के लिए कोई न कोई बड़ा कदम उठाना ही पड़ेगा. क्योंकि IMF की ताज़ा रिपोर्ट में 2023 तक वैश्विक मंदी आने के पुरे आसार दिखाए जा रहे हैं.

UN agency ने दी चेतावनी, कहा दुनिया के 50 प्रतिशत गरीबों को राहत देने की है ज़रूरत
UN agency ने दी चेतावनी, कहा दुनिया के 50 प्रतिशत गरीबों को राहत देने की है ज़रूरत

अगर वैश्विक मंदी होती है तो ये 54 देश गरीबी से ही मर जाएंगे. कार्यक्रम के प्रशासक अचिम स्टेनर ने कहा कि अमीर देशों के लिए कोई चिंता की बात नहीं है. जो विकासशील देश हैं अगर हम उनको क़र्ज़ में राहत नहीं देते हैं तो उनकी अर्थव्यस्था पूरी तरह से ठप पड़ जाएगी. जिसका खामयाज़ा वहां की जनता को भुगतना पड़ेगा.

इन देशों के लिए है बड़ी चेतावनी

पिछले महीने आई संयुक्त राष्ट्र (UN agency) की रिपोर्ट में कहा गया है की, अफगानिस्तान, इथियोपिया, दक्षिण सूडान, सोमालिया और यमन में रह रहे लगभग दस लाख लोग भूखे मर रहे हैं. एजेंसी ने कहा कि अगर सहायता नहीं मिली तो ये सभी देश इस साल भी भुखमरी का सामना करेंगे.

संयुक्त राष्ट्र (UN agency) का कहना है की, रूस-यूक्रेन युद्ध का असर इन देशों पर तेज़ी से दिख रहा है. युद्ध की वजह से आर्थित अस्थिरता बढ़ती जा रही है. इसके अलावा बता दें की, कहीं बाढ़ तो सूखे ने लोगों को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के प्रमुख ने कहा कि अफ्रीका के कई देशों में भीषण सूखे के कारण लोगों को भुखमरी के कगार पर खड़ा कर दिया है. उधर पाकिस्तान में आई बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया है. वहां बाढ़ के चलते लोगों के पास खाने को कुछ नहीं बचा है. पाकिस्तान में सरकार के प्रयासों से भी जनता नाखुश नज़र आ रही है.

स्थिति होती जा रही नियंत्रण से बाहर

पाकिस्तान में 20 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं. वहां पर लोगों को सिर्फ एक वक़्त का खाना मिल रहा है. पाकिस्तान पहले से ही कर्जे में डूबा हुआ है. आने वाले समय में संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति के बिगड़ने के संकेत दिए हैं.

संयुक्त राष्ट्र (UN agency) का कहना है की, सारी दुनिया में  खाद्य असुरक्षा काफी तेजी से बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के प्रमुख का कहना है की, अगर जल्द से जल्द इन देशों की मदद नहीं की गई को स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी.

जानकारी के लिए बता दें की,  यूक्रेन दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अनाज निर्यातक देश है. जबकि रूस अनाज निर्यातक के लिए तीसरे और उर्वरक निर्यातक में पहले स्थान पर है. दोनों देशो के बीच चलते युद्ध ने निर्यात की क्षमता को कम कर दिया है.

 

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