September 29, 2022
Russia Ukraine War: यूक्रेन पर कब्ज़े के लिए पुतिन की नई चाल, जनमत संग्रह कर अपना भाग बनायेगा रूस

Russia Ukraine War: यूक्रेन पर कब्ज़े के लिए पुतिन की नई चाल, जनमत संग्रह कर अपना भाग बनायेगा रूस

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Ukraine War:  रूस के कब्जे में आए यूक्रेन (Ukraine War) के क्षेत्रों में शुक्रवार को जनमत संग्रह शुरू हुआ है. इस जनमत संग्रह से यह निर्धारित होगा कि ये क्षेत्र रूस का अभिन्न हिस्सा बनना चाहते हैं या नहीं. जनमत संग्रह पश्चिम देशों के लिए एक चुनौती है और ये युद्ध को और तेज़ी से बढ़ सकता है.

इन परिणामों को मान्यता नहीं देगा यूक्रेन

मिली जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन (Ukraine War) का कहना है की वो और उसके सहयोगियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे इन परिणामों को मान्यता नहीं देंगे.

यूक्रेनी क्षेत्र के लगभग 15% का प्रतिनिधित्व करने वाले लुहान्स्क, डोनेट्स्क, और ज़ापोरिज्जिया प्रांतों में मतदान शुक्रवार से मंगलवार तक चलेगा.

यूक्रेन का कहना है कि, “रूस जनमत संग्रह के परिणामों को लोकप्रिय समर्थन के संकेत के रूप में तैयार करना चाहता है. और दिखाना चाहता है लोग उसके समर्थन में हैं. रूस जनमत संग्रह का सहारा ले रहा है क्योंकि युद्ध अब उसके हाँथों से फिसलता जा रहा है.”

बता दें की, 2014 में रूस पहले भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना कर चुका है. दरअसल रूस आज यूक्रेन के साथ 2014 वाला इतिहास दोहरा रहा है. 2014 में क्रीमिया में रूस ने जनमत संग्रह किया था. जिसकी आलोचना अंतराष्ट्रीय स्तर पर हुई थी.

Ukraine War की शुरुआत से इन क्षेत्रों पर है रूस का कब्ज़ा

वहीं खबर है कि खेरसॉन में भी शुक्रवार सुबह से मतदान शुरू हो गया है. इन क्षेत्रों पर रूस का आंशिक और पूर्ण रूप से कब्जा है. जानकारी के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन पर हमला किया. इस हमले का लगभग सात महीने से ज्यादा का वक़्त गुज़र चुगा है. हमले की वजह से हजारों लोग मारे गए, लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए.

इतना ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है.  सात महीने के युद्ध के बाद इस महीने कीव ने एक जवाबी हमला किया. जिसमें उसने बड़े पैमाने पर अपने खोए हुए क्षेत्र पर फिर से कब्जा कर लिया है.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रायल की तरफ से आया ये अधिकारिक बयान

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय का कहना है की, “पिछले तीन दिनों में यूक्रेनी बलों ने खार्किव ओ ब्लास्ट में ओस्किल नदी के पूर्वी तट पर पुलहेड्स (bridgeheads) को सुरक्षित कर लिया है. रूस ने ओस्किल पर कब्ज़ा बनाए रखने की बहुत कोशिश की लेकिन वो अब रूस के हाँथों से छूटता जा रहा है.”

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इससे पहले कहा था की, “ऑपरेशन की शुरुआत से ही हमने कहा था कि संबंधित क्षेत्रों के लोगों को अपने भाग्य का फैसला करना चाहिए और पूरी मौजूदा स्थिति इस बात की पुष्टि करती है कि वे अपने भाग्य के स्वामी बनना चाहते हैं.”

मास्को अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए बढ़ा रहा सैन्य शक्ति

ऐसा बताया जा रहा है की, रूस में चार क्षेत्रों को शामिल करके, मास्को अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए आवश्यक सैन्य वृद्धि कर सकता है. इसके अलावा बता दें की, उज़्बेकिस्तान ने रूस के मीर भुगतान कार्डों (Mir Cards) के उपयोग पर रोक लगाई है.

उज्बेकिस्तान की UZCARD प्रणाली ने बैंक ऑफ रूस के नेशनल पेमेंट कार्ड सिस्टम (NSPK) द्वारा जारी किए गए मीर कार्ड के माध्यम से भुगतान को निलंबित कर दिया है. रूस ने वीज़ा और मास्टरकार्ड के विकल्प के रूप में मीर को बढ़ावा दिया था. क्योंकि फरवरी के अंत में मास्को द्वारा यूक्रेन में सेना भेजे जाने के बाद वीज़ा और मास्टरकार्ड ने अपने रूसी नेटवर्क को बंद कर दिया था.

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