Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में मची उथल पुथल, क्या बच पाएगी सीएम ठाकरे की कुर्सी

Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र(Maharashtra) में शिवसेना(Shivsena) के भीतर बगावती सुर तेज होने के बीच बुधवार को नई कवायद सामने आई.  सूत्रों का कहना है कि उन्होंने उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray) से मुलाकात कर नया फार्मूला दिया है.

उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray) ने सरकारी आवास ‘वर्षा’ को खाली कर दिया और मातोश्री में शिफ्ट हो गए हैं.

Uddhav Thackeray शिफ्ट हो गए अपने घर में

महारष्ट्र के सियासी घमासान के बीच अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray) ने अपने घर मातोश्री में शिफ्ट हो गए हैं. बता दें की, मंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले शिवसेना(Shivsena) विधायकों के बागी समूह से भावनात्मक अपील करने के कुछ घंटों बाद उद्धव ने यह कदम उठाया.

अपनी अपील में उन्होंने कहा कि “वह मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष, दोनों पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, बशर्ते बागी उनसे मिलें और यह मांग करें.”

ANI की रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray) पत्नी रश्मि(Rashmi) और दोनों बेटे आदित्य(Aditya) व तेजस(Tejas) के साथ मातोश्री रवाना हुए. यह ठाकरे परिवार का निजी आवास है.

वर्षा से बाहर निकलते वक्त समर्थकों के हुजूम ने उद्धव ठाकरे की गाड़ी को घेर लिया. वैसे तो ढाई साल पहले जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने थे तब उन्होंने सियासी दंगल में शरद पवार(Sharad Pawar) के साथ मिलकर बीजेप (BJP) को पटखनी दी थी. लेकिन इस बार परिस्थितियां बदली हैं.

बालासाहेब ठाकरे के वक़्त से जुड़ें हैं शिंदे शिवसेना से

बुधवार को फेसबुक(Facebook) संबोधन में उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray)  कहा, “मैं अपना इस्‍तीफा तैयार रख रहा हूं. आइए और मुझे बताइए कि क्‍या आप चाहते हैं कि मैं पद छोडूं.मैं कुर्सी पकड़ कर बैठने वालों में से नहीं हूं. ” मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, शिंदे(Eknath Shinde) गुट के विधायकों की संख्या गुवाहाटी में बढ़ रही है. वहीं शिवसेना के 10 सांसद भी शिंदे के सीधे संपर्क में है. उनके बेटे श्रीकांत शिंदे शिवसेना के ठाणे से सांसद हैं.

जानकारी के लिए बता दें की, एकनाथ शिंदे, बालासाहेब ठाकरे(Bal Thackeray) के वक्त से ही शिवसेना(Shivsena) के काफी प्रभावशाली नेता माने जाते रहे हैं. नई सरकार के गठन के वक्त माना जा रहा था कि शिंदे(Eknath Shinde) ही मुख्यमंत्री बनेंगे, यही वजह थी तब इस बागी गुट में गठबंधन पर असहमति के बाद भी विरोध नहीं किया था.

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