September 29, 2022
Turkey के राष्ट्रपति एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिर उठाया Kashmir का मुद्दा

Turkey के राष्ट्रपति एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिर उठाया Kashmir का मुद्दा

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Kashmir: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने मंगलवार को यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र में विश्व नेताओं को अपने संबोधन के दौरान एक बार फिर कश्मीर (Kashmir) का मुद्दा उठाया.

राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने उठाया मुद्दा

WION से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने जनरल डिबेट में कहा की,

“भारत और पाकिस्तान, 75 साल पहले अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता स्थापित करने के बाद भी, उन्होंने अभी भी एक दूसरे के बीच शांति और एकजुटता स्थापित नहीं की है. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हम आशा और प्रार्थना करते हैं कि एक निष्पक्ष और स्थायी शांति और समृद्धि स्थापित हो.”

उनकी टिप्पणी शुक्रवार को उज़्बेक शहर समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के एक सप्ताह से भी कम समय के बाद आई है. जिसके दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की.

हाल के वर्षों में, तुर्की के नेता ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्रों में विश्व नेताओं को अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दे का उल्लेख किया है. जिससे भारत और तुर्किये के बीच संबंधों में तनाव पैदा हुआ है.

भारत ने अतीत में उनकी टिप्पणियों को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया है. यह कहते हुए कि तुर्किये को अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करना सीखना चाहिए और अपनी नीतियों पर अधिक गहराई से प्रतिबिंबित करना चाहिए.

भारत Turkey को दे चुगा है चेतावनी

बता दें की, इसके पहले विदेश मंत्रालय (MEA) ने सितम्बर 2020 को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन द्वारा जम्मू-कश्मीर (Kashmir) पर किए गए संदर्भों के खिलाफ कड़ा विरोध व्यक्त किया था. जिन्हें तुर्की-पाकिस्तान संयुक्त घोषणा में दोहराया गया था. भारत ने तुर्की नेतृत्व से अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और इसके बजाय तथ्यों की उचित समझ विकसित करने का आह्वान किया था.

इसी पर विदेश मंत्रालय ने तुर्की-पाकिस्तान के जवाब में कहा था की, “हम तुर्की नेतृत्व से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और पाकिस्तान से भारत और क्षेत्र में आतंकवाद से उत्पन्न गंभीर खतरे सहित तथ्यों की उचित समझ विकसित करने का आह्वान करते हैं.”

इस्लामाबाद में नेशनल असेंबली और सीनेट के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति ने चौथी बार कश्मीर के सभी मामलों पर पाकिस्तान को अपने देश के समर्थन को दोहराया था. उन्होंने याद किया था कि ब्रिटिश के अधीन भारतीय उपमहाद्वीप में मुसलमानों ने पहले विश्व युद्ध के दौरान मित्र देशों की सेनाओं के खिलाफ अनाकले की लड़ाई गैलीपोली अभियान में तुर्क साम्राज्य के सैनिकों के लिए संसाधन जुटाकर तुर्की सैनिकों का समर्थन किया था.

शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगी कश्मीर का मुद्दा

मिली जानकारी के मुताबिक, एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को उठाएगी.

पाकिस्तान का PM चुने जाने के बाद शहबाज शरीफ ने पहले ही भाषण में कश्मीर का मुद्दा उठाया था. उन्होंने अनुच्छेद 370 को खत्म करने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया था कि घाटी में लोगों का खून बह रहा है और पाकिस्तान उन्हें कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देने के साथ-साथ हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह मुद्दा उठाएगा.

 

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