Joshimath के के डूबने की आशंका के बीच, कर्णप्रयाग के कुछ घरों में दिखीं नई दरारें

Joshimath: उत्तराखंड के चमोली जिले में कर्णप्रयाग नगर पालिका के बहुगुणा नगर में जोशीमठ क्षेत्र में भूमि धंसने की आशंका के बीच कुछ घरों में ताजा दरारें देखी गईं हैं. सितारगंज विधायक ने बताया है की,

“जोशीमठ (Joshimath) में प्रभावित लोगों के पुनर्वास के प्रयास जारी हैं. हम जोशीमठ के लोगों की सुरक्षा का आश्वासन देते हैं. मुझे जोशीमठ के आस-पास के गाँवों के बारे में ऐसी ही स्थिति से जूझने के लिए फोन आए हैं. मुख्यमंत्री को उसी पर जानकारी दी जाएगी.”

Joshimath के बाद अब कर्णप्रयाग पर मंडरा रहा खतरा

ANI से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अधिकारी जोशीमठ (Joshimath) में उन होटलों और घरों को गिराना शुरू करेंगे. जिनमें भूस्खलन और धंसने के कारण दरारें आ गई थीं. अधिकारियों ने कहा कि होटल मलारी इन और माउंट व्यू में और दरारें आ गई हैं.

उन्होंने कहा कि सभी निवासियों को असुरक्षित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाल लिया गया है. केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), रुड़की के विशेषज्ञों की एक टीम की देखरेख में इमारतों को गिराने का काम शुरू होगा. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम जरूरत पड़ने पर विध्वंस कार्य में जिला प्रशासन की सहायता के लिए तैयार है.

NDRF ने कही ये बातें

एनडीआरएफ ने कहा, “विशेषज्ञ जमीन पर हैं और प्रशासन उनके निर्देश और सलाह पर कार्रवाई करेगा.” सोमवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि भू-धंसाव से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक केंद्रीय टीम चमोली जिले में आने वाली है और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत और बचाव के प्रयासों में समन्वय करते हुए आगे की राह सुझाने वाली है.

आगे उन्होंने कहा की, “गृह मंत्रालय की एक टीम मंगलवार को जोशीमठ (Joshimath) आएगी. केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की की टीम की देखरेख में भवनों को गिराने का काम कल शुरू होगा.” बताया जा रहा है की, सोमवार को जल शक्ति मंत्रालय की एक टीम भी जोशीमठ पहुंची हैं.

Joshimath के के डूबने की आशंका के बीच, कर्णप्रयाग के कुछ घरों में दिखीं नई दरारें
Joshimath के के डूबने की आशंका के बीच, कर्णप्रयाग के कुछ घरों में दिखीं नई दरारें

क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और भूस्खलन के कारणों की जांच का आश्वासन दिया गया है

जिन इलाकों में इमारतों को गिराया जाएगा, उन्हें प्रशासन ने असुरक्षित क्षेत्र घोषित करने के बाद खाली कर दिया है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधिकारियों ने भी सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर मुलाकात की और राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा की है.

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जोशीमठ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और भूस्खलन के कारणों की जांच का आश्वासन दिया है. राज्य प्रशासन को भी आपदा राहत जुटाने में केंद्र का आश्वासन दिया गया था. इसी बीच जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली ने जोशीमठ क्षेत्र में भूस्खलन को देखते हुए आपदा प्रबंधन से संबंधित बुलेटिन जारी किया.

कुल 678 इमारतों में दरारें देखी गई हैं

बुलेटिन के मुताबिक, जोशीमठ (Joshimath) टाउन एरिया में कुल 678 इमारतों में दरारें देखी गई हैं. सुरक्षा के मद्देनजर कुल 81 परिवारों को अस्थाई रूप से विस्थापित किया गया है. बुलेटिन में कहा गया है, “जोशीमठ शहर क्षेत्र के तहत, 213 कमरों को अस्थायी रूप से रहने योग्य के रूप में चिन्हित किया गया है.

जिनकी क्षमता 1191 अनुमानित है. इसके अलावा, जोशीमठ (Joshimath) क्षेत्र के बाहर पीपलकोटी में 2,205 की संयुक्त क्षमता वाले 491 कमरे/हॉल की पहचान की गई है.” प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को उनकी आवश्यकता के अनुसार भोजन किट और कंबल भी वितरित किया है साथ ही आवश्यक घरेलू सामान की खरीद के लिए राशि का वितरण भी किया है. प्रभावित स्थानीय लोगों के लिए कुल 63 भोजन किट और 53 कंबल उपलब्ध कराए गए हैं.

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