September 25, 2022
Tourism Industry: नेपाल में अवैध कारोबार कर रहा चीन, चीन का पर्यटन उद्योग में भारी निवेश

Tourism Industry: नेपाल में अवैध कारोबार कर रहा चीन, चीन का पर्यटन उद्योग में भारी निवेश

Spread the love

कोरोना वायरस (Covid-19) के चलते नेपाल (Nepal) में पर्यटन उद्योग (Tourism Industry) के हालात बहुत ही ज्यादा खस्ता हो गए हैं. हालांकि, चीनी निवेशक इस क्षेत्र में दूसरों की तुलना में अधिक इस पर फोकस कर रहे हैं.

बढ़ रहा चीनी निवेश

बता दें की, जिन क्षेत्रों में नेपाल (Nepal) में संभावनाएं कम हैं. वहां छोटी परियोजनाओं से चीनी (China) निवेश बढ़ेगा. नेपाल को समय रहते इस बात की जानकारी होनी चाहिए. चीन की मानसिकता धीरे धीरे नेपाल के पर्यटन उद्योग (Tourism Industry) में अपने पैर पसारना है.

पर्यटन व्यवसायी मानते हैं कि भारतीयों की तुलना में चीनी पर्यटकों की संख्या नेपाल में बढ़ रही है. उनका कहना है कि नेपाल में चीनी पर्यटकों की हिस्सेदारी अब 15 प्रतिशत से अधिक हो गई है. जबकि नेपाल भारत के सबसे करीब है और बॉर्डर भी साझा करता है.

नेपाल पर निशाना साधते हुए, चीनी व्यापारियों ने काठमांडू, ललितपुर, भक्तपुर, कास्की और चितवन सहित पर्यटन केंद्रों में 400 से अधिक होटलों और रेस्तरां में निवेश किया है.

लेनदेन को छुपा रहे चीनी व्यापारी

चीनी व्यापारियों ने अकेले पोखरा (Pokhara) में 50 से अधिक रेस्तरां और अन्य व्यवसायों में निवेश किया है. हालांकि पोखरा (Pokhara) प्रशासन के पास अधिकारिक आंकड़े नहीं हैं. चीनी नागरिक न सिर्फ टूरिस्ट वीजा पर निजी कारोबार कर रहे हैं. बल्कि वीचैट (Wechat) और अली पे (Ali Pay) के माध्यम से किए गए सभी लेनदेन को छुपा  भी रहें हैं.

बता दें की, काठमांडू घाटी के अलावा चीनी नागरिक जो पर्यटकों के रूप में या निवेशकों के रूप में नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं. उन्होंने पर्यटन विभाग से उचित अनुमति के बिना लॉज और निजी घरों, अपार्टमेंट और फ्लैटों में निवेश करके, चितवन (Chitawan) और लुंबिनी (Lumbini) में विदेशी पर्यटकों को रखना शुरू कर दिया है.

अधिकारिक आंकड़ो के मुताबिक, 2020-21 में पर्यटन क्षेत्र में विदेशी निवेश की कुल संपत्ति 11.66 बिलियन है. जबकि चीनी निवेश की कुल संपत्ति 10.17 अरब है. यह इस क्षेत्र में कुल निवेश का 91.89 प्रतिशत है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.