कज़ाख राष्ट्रपति Tokayev ने 81.3% वोट के साथ फिर से चुनाव में जीत हासिल की

Tokayev: कजाखस्तान राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायव (Tokayev) ने 81.3 प्रतिशत वोट जीतकर स्नैप चुनाव में दूसरा कार्यकाल हासिल किया है. मध्य एशियाई देश के केंद्रीय चुनाव आयोग ने शुरुवाती आंकड़ों का हवाला देते हुए सोमवार को यह घोषणा की है.

Tokayev का फिर से कजाख़ पर हुआ राज

रायटर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व सोवियत गणराज्य रूस-यूक्रेन संकट को नेविगेट करने के रूप में अपनी तेजी से स्वतंत्र विदेश नीति को जारी रखने के लिए एक मजबूत जनादेश के साथ टोकायव से व्यापक रूप से तेल-समृद्ध राष्ट्र पर अपने शासन को सात और वर्षों तक विस्तारित करने की उम्मीद पहले से ही की जा रही थी.

कज़ाख राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायव (Tokayev) ने एक्जिट पोल का जिक्र करते हुए जो उनके पक्ष में थे कहा था की, “हम कह सकते हैं कि लोगों ने राष्ट्रपति के रूप में मुझ पर और आप सभी पर विश्वास जताया है.”

बता दें की, वोटिंग का प्रतिशत 69.4 प्रतिशत था. जबकि पांच अन्य उम्मीदवारों ने कम सिंगल डिजिट में स्कोरिंग की है. 5.8 प्रतिशत मतपत्रों के साथ मतदाताओं की दूसरी सबसे लोकप्रिय पसंद को करारी हार मिली है.

कज़ाख राष्ट्रपति Tokayev ने 81.3% वोट के साथ फिर से चुनाव में जीत हासिल की
कजाखस्तान राष्ट्रपति Tokayev ने 81.3% वोट के साथ फिर से चुनाव में जीत हासिल की

एग्जिट पोल के सामने आते ही उनको मिलने लगी थी बधाइयाँ

एग्जिट पोल के सामने आते ही कई साथी मध्य एशियाई नेताओं ने प्रारंभिक परिणामों से पहले सोमवार को टोकयव (Tokayev) को बधाई दी. टोकायव ने अपना पहला चुनाव 2019 में अपने पूर्ववर्ती नूरसुल्तान नज़रबायेव के समर्थन से जीता था. इस साल 20 मिलियन के राष्ट्र ने उन्हें फिर से राष्ट्रपति चुना है.

जानकारी के लिए बता दें की, नूरसूल्त्तान अबिशुला नज़रबायव कज़ाख़िस्तान के राजनितिज्ञ है. जो 29 साल तक देश के राष्ट्रपति रहे. वे कज़ाख़िस्तान के पहले राष्ट्रपति थे. उनके इस्तीफे के बाद, उन्हीके नूर ओटान डेमोक्रेटिक पीपल्स पार्टी के कासिम-जोमार्ट टोकायव (Tokayev) कार्यवाहक राष्ट्रपति बने थे.

कजाख में हुआ था भयंकर विरोध प्रदर्शन

एक वर्ष से भी कम समय में टोकायव ने अपने देश के इतिहास में सबसे खराब सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबा दिया था. कजाख में सरकार के खिलाफ विरोध का कोई असर नहीं दिखा. ऐसा कहा जाता है की कज़ाख राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायव अपने पूर्ववर्ती नूरसुल्तान नज़रबायेव के नक्शे कदम पर चल रहें हैं.

नूरसुल्तान नज़रबायेव को कज़ाख भाषा में “एल्बासी” कहा जाता है. अंग्रेजी भाषा में इसका मतलब है “राष्ट्र के प्रमुख”. कहा जाता है उन्हें राजनीति का भारी ज्ञान है और उनके कबीले ने आज भी ऊर्जा संपन्न देश की अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखा है.

ढाई साल के लिए टोकायव ने एक वफादार उत्तराधिकारी की भूमिका निभाई है. हाल ही में देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था. जो हिंसक अशांति में बदल गया था. यह विरोध प्रदर्शन कजाकिस्तान के आर्थिक केंद्र अल्माटी पर केंद्रित था.

238 लोगों की विरोध प्रदर्शन में हुई थी मौत

इस विरोध प्रदर्शन के चलते राष्ट्रपति टोकायव ने एक क्रूरता दिखाई. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे डाले. उन्होंने जनता का बाहरी दुनिया के साथ संचार भी काट दिया और मदद के लिए सेना भेजने के लिए मास्को को बुलाया. बताया जाता है की, अराजकता के नौ दिनों में 238 लोगों की मौत हुई थी.

Dawn में छपी खबर के मुताबिक, अपने अधिकार को मजबूत करने के लिए टोकायव ने तुरंत रूस के राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि रूसी सैनिकों को वो वापस बुला लें. उन्होंने उस वक़्त एक आश्चर्यजनक कदम उठाया. उन्होंने अपने गुरु नज़रबायेव के साथ नाता तोड़ लिया. अपने परिवार के लोगों को ऊँचे  पदों से हटा दिया. इसके साथ ही उन्होंने जनता से  “नए और न्यायपूर्ण कजाकिस्तान” का वादा किया.

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