पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan ने इस्लामाबाद में इसलिए 'लॉन्ग मार्च' को किया रद्द

Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने अराजकता की आशंका से राजधानी इस्लामाबाद के लिए ‘लॉन्ग मार्च’ को रद्द कर दिया है. और घोषणा की है कि उनकी पार्टी राज्य विधानसभाओं से इस्तीफा दे देगी ताकि जल्दी चुनाव कराने के लिए जोर दिया जा सके.

Imran Khan ने रद्द की रैली

WION से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान (Imran Khan) ने राजधानी के पास रावलपिंडी में अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में कहा है की, “मैंने इस्लामाबाद नहीं जाने का फैसला किया है. क्योंकि मुझे पता है कि तबाही होगी और देश को नुकसान होगा.”

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद से सरकार पर जल्दी चुनाव कराने के लिए जोर देने के लिए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है. उन्होंने दावा किया है कि उन्हें संयुक्त राज्य के नेतृत्व वाली साजिश के तहत हटा दिया गया था.

Imran Khan ने पार्टी के विधानसभाओं से इस्तीफा देने की कहीं बाते

बता दें की, मई में इस्लामाबाद में उनके समर्थकों की एक रैली हिंसक हो गई थी. इमरान खान (Imran Khan) ने कहा था की, “हम इस प्रणाली का हिस्सा नहीं होंगे. हमने सभी विधानसभाओं को छोड़ने और इस भ्रष्ट व्यवस्था से बाहर निकलने का फैसला किया है.” पीटीआई ने पहले ही संघीय संसद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि देश को नए सिरे से चुनावों की जरूरत है और उन्हें इसकी परवाह नहीं है कि ये नौ महीने बाद होंगे क्योंकि जीत उनकी पार्टी की ही होगी.

पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan ने इस्लामाबाद में इसलिए 'लॉन्ग मार्च' को किया रद्द
पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan ने इस्लामाबाद में इसलिए ‘लॉन्ग मार्च’ को किया रद्द

स्थाई मीडिया का कहना है की, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा की विधानसभाओं से इस्तीफा देने के इमरान खान के फैसले का उद्देश्य सरकार पर मध्यावधि चुनाव बुलाने के लिए दबाव डालना था.

आगे स्थाई मीडिया ने कहा है की, “राज्य विधानसभाओं को भंग करने से एक बड़ा संकट पैदा हो सकता है. क्योंकि देश के पास जल्दी चुनाव कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. इमरान खान अप्रैल में पीएम के पद से हटाए जाने के बाद से ही कुछ मांग रहे हैं.” इमरान खान ने अपना शनिवार का भाषण लगभग 25,000 से 30,000 की भीड़ से सैकड़ों मीटर की दूरी से दिया था.

पूर्व पीएम के ऊपर किया गया था हमला

3 नवंबर को हत्या के प्रयास में, पंजाब प्रांत के वजीराबाद शहर में इमरान खान के ओपन-टॉप कंटेनर ट्रक के रास्ते में आते ही एक बंदूकधारी ने करीब से गोलियां चलाईं थीं. एक पुलिस अधिकारी ने स्थानीय टेलीविजन चैनल जियो टीवी को बताया कि इस कार्यक्रम के लिए कुल 10,000 कर्मियों को तैनात किया गया था. साथ ही इमरान खान की सुरक्षा के लिए विभिन्न बिंदुओं पर स्निपर्स तैनात किए गए थे.

पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी हत्या की साजिश रचने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का नाम लिया था. लेकिन सरकार और सेना दोनों ने इसमें शामिल होने से इनकार किया था. पीएम शाहबाज़ शरीफ ने पारदर्शी जांच की मांग की थी. इस घटना को लेकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. और उसने अकेले हमला करने का दावा भी किया था.

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