UNGA ने यूक्रेन के हिस्से पर Russia के कब्ज़े की निंदा और साथ ही पारित किया प्रस्ताव

UNGA: भारत, जिसका न्यूट्रल रुख बनाए रखने का इतिहास रहा है. उसने बुधवार को यूक्रेन के क्षेत्र पर रूस के कब्जे की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया है. चीन, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान भी वोट करने से दूर रहे हैं. दरअसल, यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर अवैध कब्जे को लेकर रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक मसौदा प्रस्ताव लाया गया है.

UNGA के प्रस्ताव पर भारत ने नहीं किया मतदान

WION से मिली जानकारी के मुताबिक, 193 सदस्यीय महासभा ने यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर के क्षेत्रों में अवैध रूस के जनमत संग्रह और यूक्रेन के डोनेट्स्क, खेरसॉन, लुहान्स्क और ज़ापोरिज्जिया क्षेत्रों के अवैध कब्जे के प्रयास की निंदा की है.

UNGA ने यूक्रेन के हिस्से पर Russia के कब्ज़े की निंदा और साथ ही पारित किया प्रस्ताव
UNGA ने यूक्रेन के हिस्से पर Russia के कब्ज़े की निंदा और साथ ही पारित किया प्रस्ताव

बता दें की UNGA के प्रस्ताव पर कुल 143 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जबकि पांच ने इसके खिलाफ मतदान किया. भारत सहित 35 से अधिक प्रस्ताव से दूर रहे. आईएएनएस के अनुसार, भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने बताया कि, “भारत ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करने के अपने दृढ़ संकल्प को ध्यान में रखते हुए दूर रहने का फैसला किया है.”

रूस के स्थायी प्रतिनिधि ने इस प्रस्ताव की निंदा

आगे उन्होंने कहा की, “हमने लगातार इस बात की वकालत की है कि मानव जीवन की कीमत पर कभी भी कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता है. शत्रुता और हिंसा को बढ़ाना किसी के हित में नहीं है.” बता दें की, यह वोटिंग सोमवार को यूएनजीए में यूक्रेन और रूस के बीच भिड़ंत के दो दिन हुई है.

भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय नेता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं हो सकता. बता दें की, प्रधानमंत्री मोदी की इस बात की वैश्विक स्तर पर सराहना भी हुई थी. वैसे भारत का रुक हमेशा से ही न्यूट्रल रहा है.

रूस के स्थायी प्रतिनिधि वसीली नेबेंजिया ने प्रस्ताव को लेकर अपनी बात रखी और कहा की,

” संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता एक अपमानजनक धोखाधड़ी का गवाह बन गई है. जिसमें दुर्भाग्य से महासभा के अध्यक्ष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हमें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया. लेकिन संयुक्त राष्ट्र के कई सदस्य राज्यों को स्वतंत्र रूप से अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार दिया जा रहा है.

यूक्रेन के चार शहरों पर कब्ज़ा करने के बाद बढ़ा विवाद

रायटर्स की रिपोर्ट की माने तो, रूस ने यूक्रेन के चार मुख्य शहरों पर कब्ज़ा कर लिया है. इन चार शहरों डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया शामिल हैं. हालाँकि, UNGA में रूस के खिलाफ प्रस्ताव रखा गया. जिसको लेकर अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने ट्वीटर पर ट्वीट कर के कहा है की, “143 राज्यों के आभारी हैं जिन्होंने ऐतिहासिक #UNGA प्रस्ताव “यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता: संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का बचाव” का समर्थन किया. दुनिया का कहना था. आरएफ के विलय का प्रयास बेकार है और इसे कभी भी स्वतंत्र राष्ट्रों द्वारा मान्यता नहीं दी जाएगी.”

राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का अधिकारिक ट्वीट…

 

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