September 26, 2022
पाकिस्तानी रूपये की हालत खस्ता, उसकी कीमत 275 PKR प्रति डॉलर तक गिरने की आशंका

पाकिस्तानी रूपये की हालत खस्ता, उसकी कीमत 275 PKR प्रति डॉलर तक गिरने की आशंका

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PKR यानी पाकिस्तानी रूपये की हालात और खराब होने की आशंका जताई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक तंगी से गुज़र रहा है, पाकिस्तान में अभी और आर्थिक मंदी आ सकती है

गिर सकता है पीकेआर

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की आर्थिक हालात सही नहीं है. पाकिस्तान अब सबसे आर्थिक मदद के लिए झटपटा रहा है. इसी बीच पाकिस्तानी रूपये (PKR) का डॉलर के मुकाबले और अधिक गिरावट उसकी समस्याओ को और भी बढ़ा सकती है .

अधिकारिक खबर के अनुसार, पाकिस्तान की प्रमुख फर्मों में से एक आईजीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड ने कहा है कि पाकिस्तानी रुपया (PKR) प्रति डॉलर 275 तक गिर सकता है. Intraday कारोबार के दौरान अंतरबैंक (Interbank) बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 240 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

इस साल पाकिस्तानी रुपया 23 फीसदी नीचे है. अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, अतिरिक्त उपज निवेशकों ने अमेरिकी खजाने पर पाकिस्तान के संप्रभु ऋण को 1,700 आधार अंक से अधिक रखने की मांग की है.

पाकिस्तान में टोयोटा और सुजुकी हटा रहे अपने प्लांट

पाकिस्तान की हालत देखते हुए कार की दो बड़ी कंपनी टोयोटा और सुजुकी ने एक फैसला लिया है . दोनों कंपनियों के अधिकारियों का कहना है की, आयात प्रतिबंधों और विनिमय दर में अस्थिरता के बीच कच्चे माल की अनुपलब्धता के कारण अगले महीने आंशिक रूप से संयंत्र बंद करने की योजना बना रहे हैं.

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया क्योंकि यह इंटरबैंक बाजार में डॉलर के मुकाबले पीकेआर 240.5 तक गिर गया. डॉन अखबार ने फॉरेक्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान (एफएपी) के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी मुद्रा (PKR) कल के 236.02 के करीब 12:03 बजे की तुलना में 4.48, या 1.89 प्रतिशत की गिरावट आई है.

वैसे तो एक्सचेंज कंपनीज एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के महासचिव जफर पाराचा ने लगातार रुपये के मूल्यह्रास के लिए राजनीतिक स्थिति और सरकार की कार्रवाई की कमी को जिम्मेदार ठहराया है.

एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान ने कहा

पाकिस्तान की बिगड़ती अर्थव्यस्था को लेकर अब एक्सचेंज कंपनीज एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के महासचिव जफर पाराचा का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है की, “देश की राजनीतिक स्थिति खराब है लेकिन सरकार और राजनीतिक दल बेफिक्र नजर आ रहे हैं. वे केवल अपनी सरकार बचाने के लिए चिंतित हैं.”

चल रहे राजनीतिक संकट के बीच वित्तीय बाजार अस्थिर है. फॉरेन एक्सचेंज एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, 2022 की शुरुआत के बाद से, रुपया अपने मूल्य का 30 प्रतिशत से अधिक खो चुका है. बुधवार को पाकिस्तान के वित्त और राजस्व मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने उम्मीद जताई कि रुपये पर दबाव कुछ हफ्तों में कम हो जाएगा.

वित्त और राजस्व मंत्री मिफ्ताह इस्माइल का कहना है की,

“अगले महीने से, निर्यात और प्रेषण के माध्यम से पाकिस्तान में आने वाले डॉलर आयात और ऋण सेवा के रूप में आउटगोइंग डॉलर से अधिक होंगे. इसलिए, रुपये पर दबाव कम होगा और मुद्रा की सराहना होगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचने, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, दुनिया भर में मुद्रास्फीति और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान सहित कई कारकों ने रुपये के मूल्यह्रास को जन्म दिया है.”

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