September 29, 2022
Thailand और चीन ने संयुक्त वायु सेना प्रशिक्षण का किया अभ्यास

Thailand और चीन ने संयुक्त वायु सेना प्रशिक्षण का किया अभ्यास

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Thailand: थाईलैंड (Thailand) के उडोर्न रॉयल थाई एयर फ़ोर्स बेस में रविवार को चीनी और थाई वायु सेना के बीच एक संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास शुरू हुआ. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास, जिसका कोड नाम फाल्कन स्ट्राइक 2022 है. पांचवीं बार है जब दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास किया है.

ये विमान थे अभ्यास में मौजूद

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, चीनी पक्ष लड़ाकू जेट, लड़ाकू-बमवर्षक और हवाई पूर्व चेतावनी (AEW) विमान भेजा था. जबकि थाई पक्ष अपने लड़ाकू जेट और AEW विमान को प्रशिक्षण अभ्यास के लिए भी भेजा था. जिसमें हवाई समर्थन, जमीनी लक्ष्यों पर हमले जैसे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शामिल हैं. छोटे और बड़े पैमाने पर सैनिकों की तैनाती है.

चीनी पक्ष के कमांडर इन चीफ चेन जून ने कहा है की, “अपने गहरे और विस्तारित दायरे के साथ, निश्चित रूप से दोनों पक्षों के कौशल और क्षमताओं को बढ़ावा देंगे और चीन और थाईलैंड की वायु सेना के बीच दोस्ती का एक नया अध्याय लिखना जारी रखेंगे.”

बता दें की, अभ्यास के उद्घाटन समारोह के दौरान ग्लोबल टाइम्स द्वारा उद्धृत किया गया. चीनी राज्य मीडिया ने कहा कि, संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेना के बीच आपसी विश्वास और दोस्ती को बढ़ाना है और संयुक्त रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए द्विपक्षीय व्यावहारिक सहयोग को गहरा करना है.

दोनों देशों के बीच तकनीकी और सामरिक स्तरों में होगा सुधार

संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास की गहराई और विस्तार के साथ, राज्य मीडिया ने कहा कि दोनों पक्षों के तकनीकी और सामरिक स्तरों में सुधार होगा और चीनी और थाई वायु सेना के बीच दोस्ती का एक नया अध्याय बनाया जाएगा.

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशिक्षण अभ्यास थाई और चीनी वायु सेना के बीच दोस्ती को बनाए रखेगा और बढ़ाएगा, दोनों पक्षों की सहकारी और सहयोगी क्षमता में सुधार करेगा और क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा स्तर को मजबूत करेगा.

बीते कई समय से चीन और ताइवान के बीच तनातनी मची हुई है. इस बीच चीन का सैन्य अभ्यास ताइवान के लिए चिंता का सबब हो सकता है. क्योंकि चीन कई बार ताइवान को धमकियाँ दे चुगा है.

थाईलैंड के साथ चीन ने नहर प्रोजेक्ट किया था रद्द

बता दें की, थाईलैंड के क्रा कैनाल प्रोजेक्ट (क्रा नहर परियोजना) को तैयार करने के लिए भारत के अलावा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने रुचि दिखाई थी. इस प्रोजेक्ट से चीन ने थाईलैंड को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. थाईलैंड (Thailand) ने चीन के साथ हुई सबमरीन डील को टाल दिया था. साल 2015 में थाईलैंड और चीन के बीच नेवल हार्डवेयर और इक्यूप्मेंट्स की खरीद पर बातचीत शुरू हुई थी. 2017 में थाईलैंड ने 3 सबमरीन खरीदने का सौदा किया था.

चीन और थाईलैंड के रिश्तों में भी खट्टास आ चुगी है. लेकिन फिलहाल के लिए दोनों देश एक दुसरे के साथ सैन्य अभ्यास करते नज़र आ रहें हैं. चीन की तनातनी लग भग अपने हर जानने वाले देश के साथ हो चुगी है. बीते कई सालों से चीन और भारत के बीच भी रिश्ते कुछ सही नहीं चल रहें हैं. हालाँकि, भारत के साथ अपने बिगड़ते रिश्तों को चीन कभी सार्वजनिक रूप से सवीकार नहीं करता है.

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