September 25, 2022
Taliban के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब

Taliban के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब

रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने साफ़ कहा कि वे सभी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहते हैं और किसी देश के मुद्दों में हस्तक्षेप या शामिल नहीं होना चाहते हैं। हम एक स्वतंत्र देश हैं और हमारी विदेश नीति हमारे राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होती रहेगी।
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तालिबान (Taliban) के संस्थापक मुल्ला उमर (Mullah Omar) के बेटे, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब (Mullah Yaqoob) ने सैन्य प्रशिक्षण के लिए अफगान सेना के जवानों को भारत भेजने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें “इससे कोई समस्या नहीं है”।

उन्होंने ये टिप्पणी भारत के न्यूज 18 टीवी चैनल के साथ एक विशेष साक्षात्कार में की, जब उनसे पूछा गया कि क्या तालिबान (Taliban) अपने सैन्य अधिकारियों को सैन्य प्रशिक्षण के लिए भारत भेजने के लिए तैयार होगा।

Taliban रक्षामंत्री ने क्या कहा

जब उस इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या अफगानिस्तान में मौजूदा शासन भारत के साथ घनिष्ठ रक्षा संबंध रखना चाहेगा तो इस पर मुल्ला याकूब (Mullah Yaqoob) ने कहा कि पहले वे भारत सहित सभी देशों के साथ मजबूत राजनयिक संबंध स्थापित करना चाहते हैं।

उन्होंने आगे कहा, ‘जब हमारे बीच सौहार्दपूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध होंगे, तभी हम रक्षा संबंधों के लिए तैयार होंगे। न तो इससे कोई समस्या होगी और न ही हमें इसमें कोई समस्या नजर आती है।

अन्य देशों के साथ देश के संबंधों के बारे में बोलते हुए, मुल्ला याकूब (Mullah Yaqoob) ने कहा कि वे दुनिया के सभी देशों, विशेष रूप से भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहते हैं। “हम भारत के साथ अच्छे और सौहार्दपूर्ण संबंध चाहते हैं और हमें उम्मीद है कि भारत हमारे साथ कई पहलुओं में अच्छे संबंध बनाए रखेगा।”

अफगान रक्षा मंत्री ने भारत और पाकिस्तान दोनों से बातचीत के माध्यम से अपने मुद्दों को हल करने का आग्रह करते हुए कहा कि तालिबान प्रशासन इन दोनों प्रतिद्वंद्वी पड़ोसियों के द्विपक्षीय मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता है।

अफगान धरती पर आतंकी संगठनों की कथित मौजूदगी के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान को भारत के खिलाफ अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे और न ही किसी और को अफगानिस्तान की धरती का गलत इस्तेमाल करने की इजाजत देंगे।”

तालिबान के बयान के मायने

रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने साफ़ कहा कि वे सभी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहते हैं और किसी देश के मुद्दों में हस्तक्षेप या शामिल नहीं होना चाहते हैं। हम एक स्वतंत्र देश हैं और हमारी विदेश नीति हमारे राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होती रहेगी।

पिछले दिनों भारत से विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव जेपी सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम काबुल में तालिबान (Taliban) से मानवीय आवश्यकताओं पर बातचीत करने गयी थी। ये मुलाकात सफल रही थी |

अफगानिस्तान इस समय पैसों और संसाधनों की कमी के कारण भुखमरी से लड़ रहा है जिससे लड़ने में भारत लगातार उसकी मदद कर रहा है | अफगान जनता भारत से उम्मीद करती है कि जैसे हमने उनकी पहले मदद की थी वैसे करेंगे |

भारत के पास अब एक अच्छा मौका है अफगानिस्तान में अपने पैर ज़माने की जिससे पाकिस्तान को वहां आतंकवादी कैम्प बनाने और फ़ैलाने का मौका न मिले |

पाकिस्तान इस पैसों की कमी और अपने घरेलु बहुत ज्यादा फंसा हुआ है इसलिए भारत को इस समय का पूरा लाभ उठाना चाहिए |

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