अफगानिस्तान में Taliban ने दी सार्वजनिक फांसी, संयुक्त राष्ट्र ने बताया 'डीपली डिस्टर्बिंग'

Taliban: तालिबान (Taliban) प्रशासन ने आज पश्चिमी  अफगानिस्तान में हत्या के आरोपी एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया गया है. अधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है की, पिछले साल समूह के देश पर कब्जा करने के बाद पहली आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक फांसी की पुष्टि हुई है.

Taliban ने सत्ता में लौटने के बाद पहली बार दी सार्वजनिक फांसी

हिंदुस्तान टाइम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, एक सरकारी (Taliban) प्रवक्ता के अनुसार, अफगानिस्तान में अधिकारियों ने एक हत्या के दोषी को फांसी दी है. तालिबान समूह के पिछले साल सत्ता में लौटने के बाद यह पहली सार्वजनिक फंसी है.

बुधवार, दिसंबर 7 की घोषणा ने अफगानिस्तान के नए शासकों द्वारा अगस्त 2021 में देश पर कब्जा करने के बाद से लागू की गई कठोर नीतियों को जारी रखने और इस्लामी कानून, या शरीयत की अपनी व्याख्या पर टिके रहने के इरादे फिर से दिखाया है.

Taliban ने कहीं ये बातें

बता दें की, तालिबान (Taliban) के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि, “पश्चिमी फराह प्रांत में 2017 में एक अन्य व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या करने के आरोपी व्यक्ति को फांसी दी गई है. और इसमें समूह के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था.”

अफगानिस्तान में Taliban ने दी सार्वजनिक फांसी, संयुक्त राष्ट्र ने बताया 'डीपली डिस्टर्बिंग'
अफगानिस्तान में Taliban ने दी सार्वजनिक फांसी, संयुक्त राष्ट्र ने बताया ‘डीपली डिस्टर्बिंग’

बता दें की, तालिबान (Taliban) के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि मामले की जांच तीन अदालतों द्वारा की गई थी. और समूह के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता द्वारा अधिकृत किया गया था. जो दक्षिणी कंधार प्रांत में स्थित है. उन्होंने यह नहीं बताया कि उस आदमी को कैसे मारा गया.

सार्वजनिक फांसी में ये नेता थे शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, कार्यवाहक आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी, कार्यवाहक उप प्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर, साथ ही देश के मुख्य न्यायाधीश, कार्यवाहक विदेश मंत्री और कार्यवाहक शिक्षा मंत्री सहित एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ तालिबान अधिकारियों ने सार्वजनिक फांसी में भाग लिया था.

यह देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल के सप्ताहों में कई प्रांतों में डकैती और व्यभिचार ( robbery and adultery) जैसे अपराधों के आरोपी पुरुषों और महिलाओं को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने की घोषणा के बाद हुआ है. 1990 के दशक में तालिबान (Taliban) कठोर शासन में आम प्रथाओं की वापसी की संभावना है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इसको रोकने का किया था आह्वान

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के एक प्रवक्ता ने पिछले महीने तालिबान (Taliban) अधिकारियों से अफ़ग़ानिस्तान में सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने के प्रयोग को तुरंत रोकने का आह्वान किया था. अदालत के एक बयान के अनुसार, तालिबान के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता ने नवंबर में न्यायाधीशों से मुलाकात की और कहा कि उन्हें शरिया कानून के अनुरूप दंड देना चाहिए.

तालिबान के पिछले 1996-2001 के शासन के तहत पत्थर मारकर सार्वजनिक कोड़े मारे गए और फांसी दी गई थी. इस तरह की सजा बाद में दुर्लभ हो गई और विदेशी समर्थित अफगान सरकारों द्वारा इसकी निंदा की गई है. हालांकि अफगानिस्तान में मौत की सजा कानूनी रही है.

Leave a Reply