Taj Mahal को थमाया गया एक करोड़ से ज्यादा रुपए का नोटिस

Taj Mahal: अधिकारियों ने कहा कि आगरा नगर निगम ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को प्रतिष्ठित ताजमहल (Taj Mahal) के लिए संपत्ति कर और पानी के बिल का भुगतान करने के लिए नोटिस दिया है.

एएसआई (ASI) के अधीक्षण पुरातत्वविद  (आगरा सर्कल) राज पटेल ने एएनआई को बताया, “जल कर के लिए एक नोटिस और संपत्ति कर के लिए एक नोटिस जारी किया गया है. संपत्ति कर लगभग 1.40 लाख रुपये है और जल कर लगभग 1 करोड़ रुपये है.”

Taj Mahal को मिला नोटिस

टाइम्स ऑफ़ इंडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, पहली बार, आगरा नगर निगम ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को एक नोटिस जारी कर ताजमहल (Taj Mahal) पर जल कर के रूप में 1.9 करोड़ रुपये और संपत्ति कर के रूप में 1.5 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए कहा है. यह बिल वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए हैं.

बता दें की, नोटिस में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को कहा गया है कि वह अपने बकाया को 15 दिनों के अंदर जमा करे, नहीं तो प्रॉपर्टी ((Taj Mahal) को कुर्क कर लिया जाएगा. एएसआई के अधीक्षक पुरातत्वविद् राज कुमार पटेल ने मीडिया को बताया है की,

“स्मारकों पर संपत्ति कर लागू नहीं होता है. हम पानी के लिए करों का भुगतान करने के लिए भी उत्तरदायी नहीं हैं. क्योंकि इसका कोई व्यावसायिक उपयोग नहीं है. परिसर के भीतर हरियाली बनाए रखने के लिए पानी का उपयोग किया जाता है. इससे संबंधित नोटिस ताजमहल के लिए पानी और संपत्ति कर पहली बार मिला है. हो सकता है गलती से भेजा गया हो.”

Taj Mahal को थमाया गया एक करोड़ से ज्यादा रुपए का नोटिस
Taj Mahal को थमाया गया एक करोड़ से ज्यादा रुपए का नोटिस

इस सर्वे के आधार पर थमाया गया है नोटिस

इस बीच, ताजमहल (Taj Mahal) मामले में नगर आयुक्त निखिल टी फंडे ने कहा है की, “मुझे ताजमहल (Taj Mahal) से संबंधित कर संबंधी कार्यवाही के बारे में जानकारी नहीं है. करों की गणना के लिए किए गए राज्यव्यापी भौगोलिक सूचना प्रणाली (geographic information system- GIS) सर्वे के आधार पर ताजा नोटिस जारी किए जा रहे हैं.”

आगे उन्होंने कहा की, “सरकारी भवनों एवं धार्मिक स्थलों सहित उन पर लम्बित बकाये के आधार पर नोटिस जारी किये गये हैं. कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए छूट प्रदान की जाती है. एएसआई (ASI) को जारी नोटिस के मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.” सहायक नगर आयुक्त एवं ताजगंज जोन की प्रभारी सरिता सिंह ने कहा, “ताजमहल (Taj Mahal) पर जल एवं संपत्ति कर के लिए जारी नोटिस के मामले की जांच की जा रही है.”

1920 में ताजमहल को संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था

एएसआई के अधिकारियों ने कहा कि ताजमहल (Taj Mahal) को 1920 में संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था. और ब्रिटिश शासन के दौरान भी स्मारक पर कोई घर या जल कर नहीं लगाया गया था.

ताजमहल काफी समय से विवादों में घिरा रहा है. बता दें की, ताजमहल (Taj Mahal) हाल ही में हर महीने बड़ी संख्या में पर्यटकों पर बंदरों और कुत्तों द्वारा हमला किए जाने और घायल होने के कारण सुर्खियों में रहा है.

केंद्र सरकार का ध्यान जी20 शिखर सम्मेलनों की एक श्रृंखला पर जा रहा है. जिनमें से कुछ आगरा में आयोजित होने की उम्मीद है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और स्थानीय प्रशासन 250 या अधिक बंदरों को पकड़ने के साथ-साथ बाधाओं को स्थापित करने पर विचार कर रहे हैं.

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