Taiwan को अमेरिका भेज रहा ऐसे संकेत, China की बढ़ी टेंशन

Taiwan: चीन और ताइवान के बीच काफ़ी समय से विवाद बना हुआ है. चीन की बौखलाहट तब बढ़ गई जब अमेरिका ने भी ताइवान (Taiwan) का साथ देने की ठाना. बता दें की, ताइवान के हिस्से को चीन अपना हिस्सा कहता है. लेकिन ताइवान अपने आप को आज़ाद मानता है. ताइवान का कहना है की उसका अपना लोकतंत्र और अपने कानून हैं. वो किसी का गुलाम नहीं है. हाल ही में चीन और अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक दूसरे से मुलाक़ात की है.

अमेरिकी विदेश मंत्री चीनी विदेश मंत्री ने एक दुसरे से की मुलकात

अधिकारिक मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ( Wang Yi) ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में मुलाकात की है. अधिकारिक अमेरिकी अधिकारी का कहना है की, दोनों मंत्रियों के बीच लगभग 90 मिनट बात हुई. उनकी बातों  का मुख्य बिंदु ताइवान था.

इसके अलावा बता दें की, चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है की, संयुक्त राज्य अमेरिका ताइवान (Taiwan) को खतरनाक संकेत भेज रहा है. ताइवान जितना ज्यादा उग्रता से कार्य करेगा उतना ज्यादा युद्ध के कारण बनेंगे और युद्ध होने की संभवना होगी.

इसके अलावा चीन की विदेश मंत्री वांग यी ( Wang Yi)  ने कहा की, “ताइवान मुद्दा चीन का आंतरिक मामला है और इसे हल करने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया जाएगा.  इसमें अमेरिका को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है.” उसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने जवाब में कहा की, ताइवान पर शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है.

अमेरिका के तरफ से आए अधिकारिक बयान में कहीं गई ये बातें

अमेरिका की तरफ से आए अधिकारिक बयान में कहा गया  की, हमारी तरफ से हमारे विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) सारी बातें स्पष्ट कर चुगे हैं. हम आज भी अपनी वन चाइना पॉलिसी (संयुक्त राज्य अमेरिका पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को चीन की एकमात्र कानूनी सरकार के रूप में मान्यता देता है. लेकिन वह चीनी स्थिति को स्वीकार करता है कि ताइवान चीन का हिस्सा है) पर डटे हुए हैं.

आगे उन्होंने कहा की, चीन की तरफ इशारा करते हुए कहा की, जलडमरूमध्य (Strait) में शांति और स्थिरता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण  है. बता दें की, अगस्त में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की यात्रा के बाद ताइवान पर तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.

चीन बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास कर के ताइवान को डराने की कोशिश काफ़ी समय से कर रहा है. हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि वे लोकतांत्रिक रूप से ताइवान की मदद करेंगे. व्हाइट हाउस ने कहा है कि उसकी ताइवान नीति नहीं बदली है. वो आज भी ताइवान को चीन से आज़ाद देखना चाहता है.

चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका को दी थी चेतावनी

बता दें की, जुलाई में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ एक फोन कॉल में, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान के बारे में चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग आग से खेलते हैं वे इससे नष्ट हो जाएंगे.”

अमेरिका हमेशा से ही ताइवान की मदद कर रहा है. हाल ही में, अमेरिका ने ताइवान को सैन्य मदद भी भेजी थी. चीन चाहता है की अमेरिका उसके और ताइवान के मामले में कोई दखल ना दे. चीन अपने और ताइवान के मामले को आंतरिक मामला मानता है.

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