लेबनान से Syria प्रवासियों को ले जा रही नाव डूबने से 60 से ज्यादा लोगों की गई जान

Syria: सीरियाई और लेबनानी (Syria) सरकारों के अनुसार, लेबनान से प्रवासियों और शरणार्थियों को ले जा रही एक नाव के सीरिया के तट पर पलट जाने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई है. लेबनान के परिवहन मंत्री ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार की आपदा में 61 लोगों की मौत हुई है.

बचे लोगो का हो रहा इलाज

मिली जानकारी के मुताबिक,  टार्टस के बेसल अस्पताल में बचे हुए लोगो का इलाज चल रहा है. सीरियाई (Syria) परिवहन मंत्रालय ने कहा कि नाव मंगलवार को लेबनान के उत्तरी मिनेह क्षेत्र से 120 से 150 लोगों के साथ रवाना हुई थी.

सीरिया के बंदरगाहों के महानिदेशक समीर कुब्रुसली ने कहा कि नाव पलटने के बाद शुक्रवार को तलाशी अभियान जारी किया गया था. उनका कहना था की, कि उबड़-खाबड़ समुद्र और तेज हवाओं ने बचाव अभियान में कई मुसीबतें खड़ी की थीं.

टार्टस के गवर्नर अब्दुलहलीम खलील ने कथित तौर पर अस्पताल में जीवित बचे लोगों से मुलाकात की है. हालाँकि, पूरी तरह से यह स्पष्ट नहीं है की कितने लोग नाव पर सवार थे. राज्य मीडिया कहना है कि नाव विभिन्न राष्ट्रीयताओं के लोगों को ले जा रही थी. तटरक्षक सभी सवार लोगों की तलाश कर रहें हैं.

ऐसी घटना पहली बार नहीं हो रही है. इसके पहले अप्रैल में लेबनान की नौसेना के साथ टकराव के बाद दर्जनों लेबनानी, सीरियाई और फिलिस्तीनियों को समुद्र से इटली जाने की कोशिश कर रही एक नाव त्रिपोली बंदरगाह (Tripoli Port) से 5 किमी से अधिक नीचे चली गई थी. इस घटना में दर्जनों की मौत हो गई थी.

गरीबी से जूझ रहा लेबनान

पिछले महीनों में यूरोप में बेहतर अवसरों की तलाश में हजारों लेबनानी, सीरियाई और फिलिस्तीनियों ने समुद्री रास्ता अपना कर लेबनान छोड़ दिया है. अधिकारिक आंकड़ों की माने तो, अकेले लेबनान में, दसियों हज़ार लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है. लेबनानी पाउंड अपने मूल्य से 90 प्रतिशत गिर गया है.

बता दें की, लेबनान की आबादी 6 मिलियन है. जिसमें 1 मिलियन सीरियाई शरणार्थी शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान 2019 के अंत से एक गंभीर आर्थिक मंदी की चपेट में है. लेबनान में आर्थिक मंदी के चलते तीन-चौथाई से अधिक आबादी गरीब हो गई है. लेबनान में लोग सिर्फ एक वक़्त का खाना ही कहा पा रहे थे.

ना सिर्फ लेबनान में बल्कि दुनिया बाहर में आर्थिक समस्याओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. दुनिया भर के कई देशों में अर्थव्यस्था चरमराई हुई है. जानकारों का मानना है की बिगड़ती हुई अर्थव्यस्था के कई कारण हैं. जिनमें से सबस बड़ा कारण रूस-यूक्रेन का युद्ध और कोरोना महामारी है. कोरोना का प्रभाव भले ही कम हो गया हो लेकिन उसके कारण हुई तबाही के अवशेष आज भी हैं.

प्रवासी उत्तरी लेबनानी तट से देश छोड़ रहे हैं. वो हिस्सा देश का सबसे गरीब हिस्सा माना जाता है. गुरुवार को लेबनान के अधिकारियों ने कहा कि नौसैनिक बलों ने अक्कर के उत्तरी क्षेत्र के तट से 11 किमी दूर तकनीकी समस्याओं का सामना करने के बाद 55 प्रवासियों और शरणार्थियों को ले जा रही एक नाव को बचाया था. उन्होंने कहा कि बचाए गए लोगों में दो गर्भवती महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं.

 

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