September 25, 2022
भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन बने Starbucks के नए सीईओ

भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन बने Starbucks के नए सीईओ

Spread the love

Starbucks: भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन (Laxman Narasimhan) को कॉफी हाउस कॉफी की दिग्गज कंपनी स्टारबक्स (Starbucks) ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्ति किया है.

भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन है नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी

WION से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन हॉवर्ड शुल्त्स की जगह कॉफी दिग्गज स्टारबक्स के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बने हैं. इस बात की घोषणा कंपनी ने गुरुवार को की. लक्ष्मण, जो पहले रेकिट के सीईओ थे. ड्यूरेक्स कंडोम और म्यूसिनेक्स कोल्ड सिरप के निर्माता 1 अक्टूबर को कंपनी में शामिल होंगे.

शुल्त्स, जिन्होंने कई मौकों पर स्टारबक्स (Starbucks) के सीईओ के रूप में काम किया है. 2023 तक कंपनी के साथ अंतरिम प्रमुख के रूप में रहेंगे और फिर निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में बने रहेंगे. भारत के पुणे में पैदा हुए नरसिम्हन ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की.

एएफपी के अनुसार, वह आगे की पढ़ाई के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में द लॉडर इंस्टीट्यूट से जर्मन और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में एमए और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से वित्त में एमबीए पूरा किया.

स्टारबक्स ने अपने बयान में कहीं ये बातें

जब मुझे लक्ष्मण की स्थानांतरित होने की इच्छा के बारे में पता चला. तो यह स्पष्ट हो गया कि वह स्टारबक्स को अपने अगले अध्याय में ले जाने के लिए सही नेता मिल गया हैं. स्टारबक्स के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि वह इस

काम को आकार देने और अपने साझेदार-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए विशिष्ट रूप से तैनात हैं और परिपक्व और उभरते दोनों बाजारों में निर्माण क्षमताओं और ड्राइविंग विकास के ट्रैक रिकॉर्ड का प्रदर्शन किया है.

नरसिम्हन ने सितंबर 2019 से रेकिट के सीईओ के रूप में कार्य किया. और इससे पहले वह पेप्सी कंपनी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी भी थे. वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की बिल्ड बैक बेटर काउंसिल के सदस्य भी थे. जिसका उद्देश्य पूरे यूके में आर्थिक सुधार और विकास था.

बता दें की,  कंपनी के कुछ आलोचकों ने कहा कि स्टारबक्स ने नए सीईओ को काम पर रखने का एकमात्र कारण यह है कि क्योंकि उन्होंने मैकिन्से, कंसल्टिंग कंपनी में प्रबंधन की स्थिति में लगभग 20 साल बिताए हैं. 1960 के दशक में श्रमिक आंदोलन को मारने का श्रेय दिया जाता है और अब भी जारी है. संघ के प्रयासों को खत्म करने के लिए कंपनियों के पुनर्गठन में मदद करें.

1971 में हुई थी स्टारबक्स की स्थापना

स्टारबक्स की स्थापना 30 मार्च 1971 मे तीन दोस्तो जेरी जेव और गार्डन ने मिलकर सीएटल वाशिंगटन मे की, सबसे पहले ये स्टारबक्स मे उच्च कोटि के कॉफी बीन्स बेचते थे. बीन बेचने का विचार उन्हे कॉफी व्यापारी एलफ्रेड पेट से मिला. जिन्हें वो जाती तोर पर जानते थे.

कंपनी का नाम इस से पहले पेकवुड नाम पर रखा जाना था लेकिन तीनो की इस नाम पर सहमति नही बनी तो बाद मे कंपनी का नाम स्टारबक्स रखा गया. 1982 में हावर्ड शुल्तज ने स्टारबक्स को ज्वाइन किया. मिलान यात्रा के दोरान शुल्तज ने पाया की वहा अलग तरह के कॉफी हाउस है.

जहाँ लोग कॉफी पिने के अलावा वहाँ बैठने  बातचीत करने. बिजनेस मीटिंग करने आते है. ये विचार शुल्तज को बहुत अच्छा लग. उसने वापिस आकर ये विचार कंपनि के डायरेक्टरस को बताया लेकिन डायरेक्टर को ये विचार पसंद नही आया.

Leave a Reply

Your email address will not be published.