श्रीलंकाई लेखक Shehan Karunatilaka ने जीता Booker Prize 2022

Booker Prize 2022: बुकर पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों में से एक माना जाता है. इस वर्ष का यह पुरस्कार श्रीलंकाई लेखक शेहान करुणातिलका (Shehan Karunatilaka) की किताब द सेवन मून्स ऑफ़ माली अल्मेडा (The Seven Moons of Maali Almeida) को दिया गया है.

लेखक शेहान करुणातिलका (Shehan Karunatilaka) अपने रॉक गीतों, पटकथाओं और यात्रा कहानियों के लिए भी जाने जाते हैं. करुणातिलका (Shehan Karunatilaka) का दूसरा उपन्यास श्रीलंका में मची कलहा पर आधारित एक व्यंग्य है. यह उपन्यास एक युद्ध फोटोग्राफर के जीवन के इर्द-गिर्द घूमता है. जो अपने जीवनकाल में एक पत्रकारिता मिशन पर जाता है. करुणातिलका को पुरस्कार राशि के रूप में £50,000 मिलेंगे.

Shehan Karunatilaka ने जीता Booker Prize 2022

श्रीलंकाई लेखक शेहान करुणातिलका (Shehan Karunatilaka) ने हाल ही में प्रतिष्ठित साहित्य अवार्ड बुकर पुरस्कार 2022 (Booker Prize 2022) है. उन्हें यह सम्मान उनके दूसरे उपन्यास ‘द सेवन मून्स ऑफ माली अल्मेडा’ (The Seven Moons of Maali Almeida) के लिए दिया गया है.

श्रीलंकाई लेखक Shehan Karunatilaka ने जीता बुकर प्राइज 2022
श्रीलंकाई लेखक Shehan Karunatilaka ने जीता Booker Prize 2022

यह समारोह लंदन में एक लोकप्रिय संगीत कार्यक्रम राउंडहाउस में आयोजित किया गया था. और इसमें कैमिला, यूनाइटेड किंगडम की कंसोर्ट रानी और गायक-गीतकार दुआ लीपा ने भाग लिया था.

शेहान करुणातिलका यह अवार्ड जीतने वाले दूसरे श्रीलंकाई बने है इनसे पहले वर्ष 1992 में ‘द इंग्लिश पेशेंट’ (The English Patient) के लिए यह अवार्ड माइकल ओंडात्जे (Michael Ondaatje) को दिया गया था.

यह उपन्यास 1990 के श्रीलंका में स्थापित, सेवन मून्स समलैंगिक युद्ध फोटोग्राफर और जुआरी माली अल्मेडा के बारे बात करता है. इस उपन्यास में  जब वह मृत हो जाता है और यह पता लगाने का फैसला करता है कि कौन जिम्मेदार था.

चाइनामैन के लिए करुणातिलका को इस पुरस्कार से किया गया था सम्मानित

जानकारी के लिए बता दें की, लेखक करुणातिलका (Shehan Karunatilaka) का जन्म वर्ष 1975 में श्रीलंका के गाले में हुआ था वे कोलंबो में पले-बढ़े. उन्हें उनके पहले नॉवेल  ‘चाइनामैन’ (Chinaman) के लिए वर्ष 2011में राष्ट्रमंडल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

पुरस्कार की घोषणा करने से पहले मैकग्रेगर ने कहा की, “हमारा मानना ​​है कि हमारी हर शॉर्टलिस्ट की गई किताब एक योग्य विजेता होगी. अलग-अलग तरीकों से, उनमें से प्रत्येक एक ही प्रश्न पूछता है एक व्यक्ति के जीवन का अंतिम मूल्य क्या है? हमने जो पुस्तक चुनी है वह पाठकों को एक बार भयानक और विनोदी, जीवन से परे और मृत्यु से परे, दुनिया के अंधेरे दिल की यात्रा पर ले जाती है. और वहाँ, आश्चर्यजनक और उत्साहजनक रूप से, हम कोमलता और हँसी, निष्ठा और प्रेम को पाते हैं.”

इतने लोग पुरस्कार पैनल में थे शमिल

इस वर्ष के न्यायाधीश सांस्कृतिक इतिहासकार (cultural historian) और पैनल के अध्यक्ष नील मैकग्रेगर, अकादमिक शाहिदा बारी, इतिहासकार हेलेन कैस्टर, आलोचक एम जॉन हैरिसन और लेखक एलेन माबनकौ थे. उन्होंने 169 प्रस्तुतियाँ पढ़ीं है. इसके बाद यह फैसला लिया है.

1992 में द इंग्लिश पेशेंट के लिए माइकल ओंडात्जे की जीत के बाद करुणातिलका यह पुरस्कार जीतने वाले दूसरे श्रीलंकाई विजेता हैं. इस पुस्तक को बाद में एक ब्लॉकबस्टर फिल्म में बदल दिया गया है.

सोमवार के समारोह में मेंटल को विशेष श्रद्धांजलि दी गई. जिनकी मृत्यु पिछले महीने 70 वर्ष की आयु में हुई थी. वह पहली ब्रिटिश लेखिका थीं और पहली महिला जिन्होंने अपने वुल्फ हॉल ट्राइलॉजी (Wolf Hall trilogy) में पहले दो उपन्यासों के साथ दो बार पुरस्कार जीता है.

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