South Korea में आया भयंकर तूफ़ान, हाज़ारों लोगों की बचाई गई जान

South Korea: दक्षिण कोरिया में वर्षों में आने वाले सबसे शक्तिशाली तूफान ने मंगलवार को देश के दक्षिणी क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. तूफान में लगभग एक मीटर (3 फीट) तक बारिश को नापा गया, इस तूफान ने कई सड़कों को नष्ट कर दिया और बिजली लाइनों को गिरा दिया है.

इतने लोगों के घर की गई बिजली

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, दक्षिण कोरिया (South Korea) में तूफ़ान ने कहर मचा रखा है. बता दें की, इसी के चलते 20,000 घरों की बिजली चली गई है और लोग सुरक्षित स्थान की ओर भाग रहे है. अधिकारियों ने कहा कि टाइफून हिन्नमनोर ने मंगलवार तड़के जेजू के रिसॉर्ट द्वीप को पार कर लिया और देश के दक्षिण में बुसान बंदरगाह के पास पहुंच गया.

अधिकारियों ने आगे कहा की, पूरे दिन भारी बारिश और तेज हवाओं के जारी रहने की उम्मीद है. अगस्त में (South Korea) की राजधानी सियोल के आसपास रिकॉर्ड बारिश के बाद यह तूफान आया, जिसके कारण भयंकर बाढ़ आई जिसमें कम से कम 14 लोग मारे गए थे.

प्रधानमंत्री हान डुक-सू ने बाढ़ की चपेट में आने वाले क्षेत्रों में निकासी का आह्वान करते हुए कहा कि हिनामनोर एक ऐतिहासिक रूप से मजबूत तूफान हो सकता है. जिसे हमने पहले कभी अनुभव नहीं किया. रविवार से, मध्य जेजू में 94 सेमी (37 इंच) से अधिक बारिश हुई है.

जहां हवाएं 155 किलोमीटर प्रति घंटे (96 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से चलीं.  दक्षिणी जिलों में कुछ 20,000 घरों को बिजली के बिना छोड़ दिया गया क्योंकि हवा के कारण बिजली के तार नीचे आ गए.

14,000 लोगों को घर छोड़ने की दी गई सलाह

मंगलवार की सुबह तक, 3,463 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका था. और अधिकारी 14,000 और लोगों को अपने घर छोड़ने की सलाह दे रहे थे. अधिकारियों ने कहा कि उल्सान शहर में एक 25 वर्षीय व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली थी.

जब वह मूसलाधार बारिश से उफनती एक धारा के तेज बहाव वाले पानी में गिर गया था. किसी अन्य के हताहत होने की सूचना नहीं थी. उनके प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति यूं सुक-योल ने प्रतिक्रिया बैठकें बुलाईं और अधिकारियों से तब तक सावधानी बरतने का आग्रह किया जब तक कि तूफान पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता.

600 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया गया या ऑनलाइन कक्षाओं को स्थानांतरित कर दिया गया. जबकि सैकड़ों उड़ानें और दर्जनों नौका सेवाएं रद्द कर दी गईं. मछली पकड़ने वाली नावें बंदरगाह में ही रहीं.

144 किमी / घंटा की रफ्तार से आई थी आंधी

बता दें की, मौसम विज्ञानियों ने कहा कि आंधी 144 किमी / घंटा (89 मील प्रति घंटे) की रफ्तार के साथ समुद्र की ओर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रही थी. और जापानी द्वीप होक्काइडो से लगभग 400 किमी (249 मील) उत्तर-पश्चिम में गुजरने की उम्मीद थी.

उत्तर कोरिया ने भी तूफान से होने वाले नुकसान के लिए तैयार किया. राज्य मीडिया ने बाढ़ और भूस्खलन के प्रभाव को कम करने के लिए सभी प्रयासों की रिपोर्टिंग की. राज्य द्वारा संचालित कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा कि नेता किम जोंग उन ने सरकारी बैठकों के दौरान, देश की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार के लिए अनिर्दिष्ट विस्तृत कार्य जारी किए थे.  लेकिन योजनाओं के बारे में विस्तार से नहीं बताया था.

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