September 25, 2022
Singapore: सिंगापुर में राइट्स ग्रुप ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की

Singapore: सिंगापुर में राइट्स ग्रुप ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की

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Singapore: श्रीलंका में कथित दुर्व्यवहारों का दस्तावेजीकरण करने वाले एक अधिकार समूह ने सिंगापुर (Singapore) के अटॉर्नी जनरल के पास एक आपराधिक शिकायत दर्ज की है. जिसमें पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की गिरफ्तारी की मांग की गई है. बता दें की, ये मांग इसलिए की गई है क्योंकि, द्वीप राष्ट्र के दशकों से चल रहे गृहयुद्ध में उनकी भूमिका अहम रहीं हैं.

सिंगापुर में अब उठी श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी की मांग

Aljazeera की खबर के मुताबिक, श्रीलंका में बीते समय से जो गृहयुद्ध चल रहा है उसके चलते वहां के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे श्रीलंका (Srilanka) छोड़ कर भाग गए थे. जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग उठ रही थी. लेकिन अब पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की गिरफ्तारी की मांग सिंगापुर (Singapore) में भी उठ रही है.अधिकारिक ख़बरों के मुताबिक, इंटरनेशनल ट्रुथ एंड जस्टिस प्रोजेक्ट (International Truth and Justice Project) ने शनिवार को दायर अपनी 63 पन्नों की शिकायत में कहा कि,

“राजपक्षे ने 25 साल लंबे गृहयुद्ध के आखिरी दिनों में जिनेवा कन्वेंशन का गंभीर उल्लंघन किया. जब वह देश के मुख्य रक्षा अधिकारी थे.” बता दें की, श्रीलंका ने 2009 में जातीय तमिल अल्पसंख्यक और सरकारी बलों के अलगाववादी विद्रोहियों के बीच गृह युद्ध को समाप्त कर दिया था. अधिकार समूहों ने युद्ध के दौरान दोनों पक्षों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है.

दक्षिण अफ्रीका स्थित आईटीजेपी (ITJP) ने तर्क दिया कि, “सार्वभौमिक अधिकार क्षेत्र के आधार पर, कथित दुर्व्यवहार सिंगापुर में अभियोजन के अधीन थे.  जहां 73 वर्षीय पूर्व नेता दशकों में अपने देश के सबसे खराब आर्थिक संकट पर महीनों की अशांति के बाद भाग गए थे.”

सिंगापुर से सौंप था अपना इस्तीफा

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने 13 जुलाई को भागने के एक दिन बाद सिंगापुर से अपना इस्तीफा सौंप दिया था. गोटाबाया के इस्तीफ़ा देने का मुख्या कारण था वहां की जनता. जानकारी के लिए बता दें की, श्रीलंका की लाखों की भीड़ श्रीलंका में चल रहे संकट को लेकर वहां के राष्ट्रपति के घर में घुस गयी थी. जिसके बाद सेना की मदद से रातों रात वो मालदीव फरार हो गए थे.

जानकारों का ये मानना है की अगर पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे वहां से नहीं भागते तो उनको श्रीलंका में ही गिरफ्तार कर लिया जाता. हालाँकि, उनके भागने के बाद भी श्रीलंका के हालात सुधरे नहीं हैं. अभी भी श्रीलंका में आर्थिक संकट बरकरार है. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में आज भी 60 लाख से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनको ये नहीं पता की उनका अगला भोजन कहाँ से आएगा. आज भी वो रुखा  सुखा खाना खाने को मजबूर हैं.

इतना ही नहीं श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे पर और भी कई गंभीर आरोप लग रहें हैं. ऐसा कहा जा रहा है की उन्ही की सहमति के चलते श्रीलंका में यह हाल हुआ है. श्रीलंका बीते समय इतना भ्रष्ट्राचार हुआ है की अब वहां पर लोगों को दो वक़्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजपक्षे पर जिनेवा सम्मेलनों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है.

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