September 25, 2022
Shehbaz Sharif: ग्वादर ब्रेकवाटर प्रोजेक्ट में देरी के लिए इमरान खान को शहबाज़ शरीफ ने ठहराया ज़िम्मेदार

Shehbaz Sharif: ग्वादर ब्रेकवाटर प्रोजेक्ट में देरी के लिए इमरान खान को शहबाज़ शरीफ ने ठहराया ज़िम्मेदार

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PM Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को फिर से ज़िम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है की ग्वादर ब्रेकवाटर प्रोजेक्ट (Gwadar Breakwater Project) में जो भी देरी हो रही है उसकी ज़िम्मेदार सिर्फ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सरकार है.

क्या कहा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने

बुधवार को ट्विटर पर ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने कहा की,

“आज की बैठक में मैंने ग्वादर ब्रेकवाटर परियोजना में आपराधिक देरी की जाँच के आदेश दिए हैं. ये सोचने वाली बात है की कैसे पीटीआई सरकार के पास इतना ग्रांट होने के बावजूद भी उसने इस प्रोजेक्ट देरी की है. पीटीआई के पास 445 मिलियन अमरीकी डालर का ग्रांट और 484 मिलियन अमरीकी डालर के सॉफ्ट लोन उपलब्ध था. फिर भी ऊर्जा से लेकर बुनियादी ढांचे तक, पीटीआई ने हर मामले में देरी की है और पाकिस्तान का समय बर्बाद किया है.”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा की, अब कुछ भी कहने सुनने का समय खत्म हो गया है. अब सिर्फ कार्रवाई का समय है. इसके साथ ही उन्होंने कहा की, ग्वादर ब्रेकवाटर प्रोजेक्ट (Gwadar Breakwater Project) न केवल बुनियादी ढांचे के विकास या सीपीईसी (CPEC) के बारे में है बल्कि इसका राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक महत्व भी है.

बलूचिस्तान के बारे में भी बोले प्रधानमंत्री

शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) का कहना है की बलूचिस्तान के पिछड़ेपन को तरक्की में बदलना ये हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है और ख़ास कर मेरा मिशन है.

बैठक के दौरान, पीएम ने निरीक्षण आयोग के अध्यक्ष को “आपराधिक लापरवाही” एक हफ़्ते में रिपोर्ट देनी है की क्यों ग्वादर ब्रेकवाटर प्रोजेक्ट का निर्माण इतना धीमा क्यों चल रहा है.

बता दें की, इससे पहले एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि मई तक पाकिस्तान के ग्वादर में केवल 3 सीपीईसी (CPEC) परियोजनाएं पूरी हुई हैं. जानकारी के मुताबिक, CPEC को 2015 में 46 बिलियन अमरीकी डालर के मूल्य के साथ बड़े बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया था.

इमरान खान दौर में CPEC की स्पीड हुई धीमी

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सीपीईसी प्राधिकरण द्वारा केवल तीन योजनाओं को पूरा किया गया है. जिसमें ग्वादर स्मार्ट पोर्ट सिटी मास्टर प्लान, ग्वादर पोर्ट का भौतिक बुनियादी ढांचा और फ्री जोन चरण -1 शामिल हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्ट पोर्ट सिटी मास्टर प्लान की लागत 4 मिलियन अमरीकी डॉलर है. ग्वादर पोर्ट की भौतिक अवसंरचना और फ्री ज़ोन चरण -1 की कीमत 300 मिलियन अमरीकी डॉलर है.

रोड-लिंक परियोजना जिसमे 179 मिलियन अमरीकी डॉलर का ईस्टबे एक्सप्रेसवे, जो ग्वादर बंदरगाह को मुक्त व्यापार क्षेत्र और शहर से जोड़ता है, उसपर अभी भी काम बाकी है हालांकि दस्तावेजों पर परियोजना 99 प्रतिशत पूर्ण है। चीन ने इस योजना के लिए ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया है। CPEC प्राधिकरण को उम्मीद है कि यह परियोजना जून तक पूरी हो जाएगी।

पाक-चीन परियोजना को 10 मिलियन अमरीकी डॉलर की है जिस को चीन ने ग्रांट दिया है. तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सरकार के कार्यकाल में थोडा ही काम हुआ है जिसको लेकर मौजूदा सरकार इमरान खान पर हमलावर है.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार पिछली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार के अधिकांश समय के दौरान CPEC के प्रोजेक्ट्स पर काम बहुत धीमा रहा है, लेकिन हाल ही में खालिद मंसूर को CPEC मामलों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सहायक के रूप में लाए जाने के बाद इसके कार्यों में कुछ तेजी आयी है.

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