September 25, 2022
शहबाज शरीफ ने यह फैसला अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग के दौरान ली जहां शरीफ ने इमरान खान सरकार को देश में आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी, बिजली की किल्लत व गरीबी को लिए दोषी ठहराया। कैबिनेट मीटिंग में प्रधानमंत्री शरीफ ने पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक संकट को एक जंग करार दिया और इससे लड़ने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, 'आज अहम दिन है क्योंकि हम संवैधानिक तौर पर सत्ता में आए हैं और भ्रष्ट पीटीआई सरकार को बाहर कर दिया।
Spread the love

पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पूर्व इमरान खान सरकार के कई सदस्यों के नाम ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में डालने का फैसला कर लिया है | दरअसल शहबाज शरीफ को इस बात का शक है कि पूर्व संघीय कैबिनेट के सदस्य देश से बाहर जा सकते हैं। शरीफ सरकार का मानना है कि इमरान खान सरकार के मंत्री सत्ता के दौरान भ्रष्टाचार से कमाए पैसों को लेकर देश छोड़कर फरार हो सकते हैं | इसके अलावा शहबाज शरीफ सरकार ने फैसला लिया है कि एग्जिट कंट्रोल लिस्ट से मौजूदा कैबिनेट के सदस्यों के नाम हटा दिए जाएंगे। इसमें उनके भाई और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल का भी शामिल नाम है।

शहबाज शरीफ ने यह फैसला अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग के दौरान ली जहां शरीफ ने इमरान खान सरकार को देश में आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी, बिजली की किल्लत व गरीबी को लिए दोषी ठहराया। कैबिनेट मीटिंग में प्रधानमंत्री शरीफ ने पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक संकट को एक जंग करार दिया और इससे लड़ने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘आज अहम दिन है क्योंकि हम संवैधानिक तौर पर सत्ता में आए हैं और भ्रष्ट पीटीआई सरकार को बाहर कर दिया।

बता दें कि पाकिस्तान के नवनियुक्त वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने बुधवार को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अपने आवास से प्रधानमंत्री कार्यालय हेलीकाप्टर से आते जाते थे। इससे सरकारी खजाने पर 55 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा। इस्माइल ने कहा कि उनके पास अपने दावे के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य हैं | पाकिस्तान में विकास की प्रगति को लेकर विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक बेहिसाब महंगाई ने पाकिस्तान के गरीबों को और अधिक बदहाल कर दिया है। वह अपने घर के बजट का अधिकांश हिस्सा दो वक्त की रोटी जुटाने और ईंधन की खपत पर खर्च करते हैं। गरीब लोग अपनी कुल आय का पचास फीसद हिस्सा खाने-पीने की चीजों पर खर्च कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि मौजूदा वित्त वर्ष में स्थिति और भी खराब होने वाली है। कर्ज में डूबे पाकिस्तान की वित्तीय हालत संभलने के आसार नहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.