September 29, 2022
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तेल की दिग्गज कंपनी सऊदी अरामको ने कहा कि वर्ष के पहले तीन महीनों में उसका मुनाफा 80 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया क्योंकि सऊदी राज्य समर्थित इस कंपनी ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के मौके को भुनाया है।

औपचारिक रूप से सऊदी अरब सरकारी तेल कंपनी के रूप में जानी जाने वाली इस कंपनी द्वारा साल की पहली तिमाही में शुद्ध लाभ $ 39.5bn की रिकॉर्ड आय दिखाती है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान $ 21.7bn थी।

सऊदी अरामको ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों और बिक्री की मात्रा में बढ़ोतरी , और डाउनस्ट्रीम मार्जिन में सुधार से कंपनी को ये फायदा हुआ है | “

अरामको के मुख्य कार्यकारी अमीन नासर ने कहा, “ऊर्जा सुरक्षा महत्वपूर्ण है और हम लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, अनुमानित मांग वृद्धि को पूरा करने के लिए अपनी तेल और गैस उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रहे हैं।”

रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के तुरंत बाद मार्च में तेल की कीमतें 14 साल के उच्च स्तर 139 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं, हालांकि बाद में वे घट गए क्योंकि रूसी तेल का प्रवाह जारी रहा और नए लॉकडाउन ने चीन में तेल की मांग को कम कर दिया है ।

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड रविवार को 111 डॉलर प्रति बैरल से अधिक पर कारोबार कर रहा था।

सऊदी अरब के ताज का हीरा है यह कंपनी

सऊदी अरामको ने दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में एप्पल को पिछले दिनों पछाड़ दिया है , क्योंकि तेल की ऊंची कीमतों ने पिछले हफ्ते कंपनी के शेयरों का मूल्य अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है |
सऊदी अरामको का मार्केट कैप 2.43 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 2400 बिलियन डॉलर ) से भी अधिक है , जो उसे दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनती है |

यह कंपनी सऊदी सरकारी के राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है , यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन द्वारा चल रहे युद्ध से संबंधित सुरक्षा चुनौतियों का सामना करता है, जिन्होंने अरामको की साइटों सहित सऊदी अरब को बार-बार निशाना बनाया है।

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