September 25, 2022
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के खिलाफ सऊदी अरब के मदीना में हुई नारेबाजी और अपशब्दों के इस्तेमाल से पाकिस्तान में एक नया राजनीतिक टकराव खड़ा हो गया है। ये घटना उस समय हुई, जब सऊदी अरब की यात्रा पर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ मदीना शरीफ स्थित मजिस्द-ए-नवाबी पहुंचे। वहाँ पर पाकिस्तानी मूल के लोगों ने उनके खिलाफ चोर – चोर के नारे लगाए |

पिछले कई सालों से ये देखा गया है कि इमरान खान की पार्टी के समर्थक अपने विपक्षी नेताओ के साथ जगह जगह पर बत्तमीज़ी करते रहे है | परतुं आस्था के हिसाब से सबसे प्रमुख जगह पर भी इस तरह की राजनैतिक विरोध और बत्तमीजी से लोगों की भावनाये आहात हुयी है |

शेख रशीद पर आरोप –

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत में एफआईआर दर्ज कराने के लिए अर्जी दी गयी है जिसमे आरोप लगाया गया है कि शेख रशीद ने मदीना में हुई ‘गुंडागर्दी’ का समर्थन किया और प्रधानमंत्री के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया। इसमें यह आरोप भी लगाया गया है कि रशीद ने मदीना गए पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को शाहबाज शरीफ के खिलाफ नारेबाजी करने के लिए उकसाया।

खतरनाक मुकाम की तरफ पाकिस्तान –

PTI (इमरान खान की पार्टी ) ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इस घटना के बारे में अपनी सफाई दी। उसमें कहा गया कि नारेबाजी में उसका एक भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था। लेकिन बयान में यह भी कहा गया कि इस घटना से मौजूदा सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी का इजहार हुआ है। इसके बाद ही शेख रशीद का बयान आया। उधर पूर्व सूचना मंत्री फव्वाद चौधरी ने भी कहा कि मौजूदा शासक जहां भी जाएंगे, उन्हें पाकिस्तानी समुदाय का ऐसा ही गुस्सा झेलना पड़ेगा। हालांकि चौधरी ने कहा- ‘मस्जिद नबावी या ऐसे पवित्र स्थलों पर “क्राइम मिनिस्टर” के खिलाफ ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए।’

शाहबाज शरीफ के खिलाफ पीटीआई नेताओं की तरफ से ऐसी भाषा के इस्तेमाल से सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दल भड़क गए हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं के समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पर्यवेक्षकों ने इस घटना को देश में दोनों पक्षों की उबल रही भावनओं का संकेत माना है। उनके मुताबिक ये स्थिति पाकिस्तान को खतरनाक मुकाम की तरफ ले जा रही है।


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