September 25, 2022
शिवसेना नेता Sanjay Raut को 22 अगस्त तक भेजा गया न्यायिक हिरासत में

शिवसेना नेता Sanjay Raut को 22 अगस्त तक भेजा गया न्यायिक हिरासत में

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Sanjay Raut: शिवसेना के नामी नेता संजय राउत (Sanjay Raut) को 22 अगस्त के लिए न्यायिक हिरासत में लिया गया है. बता दें की, पात्रा चॉल घोटाले में गिरफ्तार शिवसेना सांसद संजय राउत को. 

कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, शिवसेना सांसद संजय राउत को सोमवार को पात्रा चॉल जमीन मामले में 22 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अदालत ने शिवसेना नेता को न्यायिक हिरासत में सभी दवाएं देने की अनुमति दी, जिसे उन्हें पहले ईडी की हिरासत में रखने की अनुमति थी. वकील ने कहा कि उन्हें घर का खाना दिया जाए और दवाई दी जाए.

वहीं कोर्ट ने राउत (Sanjay Raut) का मेडिकल पेपर देखा और कहा की इसे देखने से यह समझ में आता है कि आरोपी की तबियत (हार्ट) की तकलीफ़ है. बता दें की, इससे पहले 1 अगस्त को राउत को इसी मामले में 4 अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा गया था. गिरफ्तारी के बाद उसी दिन ईडी ने उन्हें विशेष सत्र अदालत में पेश किया.

ईडी के अधिकारियों ने 31 जुलाई को शिवसेना नेता के घर पर छापा मारा और कई घंटों तक हिरासत में रखने और पूछताछ करने के बाद 1 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार कर लिया. वैसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस साल 28 जून को संजय राउत को 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की रोकथाम के संबंध में तलब किया था.

इतने  करोड़ का है पात्रा चाल घोटाला

शिवसेना के नामी नेता संजय राउत को पात्रा चाल घोटाले की वजह से जेल हुई है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक, मुंबई पश्चिमी उपगनर के गोरेगांव स्थित सिद्धार्थ नगर के पात्रा चॉल के 47 एकड़ जमीन पर 672 परिवारों के घरों के पुनर्विकास के लिए साल 2007 में सोसायटी द्वारा महाराष्ट्र हाउसिंग डेवलपमेंड अथॉरिटी और गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच करार हुआ था.

बताया जाता है की, 1039.79 करोड़ का है ये घोटाला. इसेक साथ ही गुरु कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक रहे प्रवीण राउत, संजय राउत के करीबी हैं. प्रवीण राउत ने काफी हेर-फेर किया. जिसके बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया था. ऐसा बताया जाता है की, 55 लाख रूपये प्रवीण ने संजय राउत और उनकी पत्नी के खाते में भेजे थे.

वैसे तो जानकारी के लिए बता दें की, इस कंपनी पर चॉल के लोगों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। यहां पत्र में 3000 से ज्यादा फ्लैट बनाए जाने थे। जिसमें से 672 साल के चॉल निवासियों को मिलने थे। लेकिन जमीन प्राइवेट बिल्डरों को बेच दी गई.

संकट से जूझ रही शिवसेना

अधिकारिक जानकारी की माने तो, शिवसेना को इससे बड़ा धक्का लगा है. शिवसेना पहले से ही मुसीबत से जूझ रही है. सबसे पहले तो शिवसेना की सरकार सत्ता से चली गई और एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बन गए.

अब शिवसेना के सांसद और नामी नेता (Sanjay Raut) का नाम करोड़ों के घोटाले के साथ जुड़ गया है. इससे शिवसेना की छवि पर भी गहरा असर पड़ा है. हालाँकि, 22 अगस्त के बाद संजय राउत के लिए क्या फैसला आएगा इसका अनुमान लगाना अभी मुश्किल है. अगर फैसला उनके पक्ष में नहीं आया तो इससे शिवसेना पर बड़ा असर पड़ सकता है.

 

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