Sand Creek Massacre:1860 में अमेरिकी मूल निवासियों पर हुए नरसंहार की याद में बनेगा ऐतिहासिक स्थल

Sand Creek Massacre: संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार ने कहा है कि वह 1860 के दशक में अमेरिकी सैनिकों द्वारा सैंड क्रीक (Sand Creek) कोलोराडो (Colorado) में 230 से अधिक मूल अमेरिकियों के नरसंहार (Sand Creek Massacre) को याद करते हुए एक ऐतिहासिक स्थल का निर्माण करेगी.

अमेरिकियों के नरसंहार की याद में बनेगा ऐतिहासिक स्थल

Aljazeera से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार को एक समारोह में अमेरिकी (America) आंतरिक सचिव देब हालंद ( Deb Haaland) ने घोषणा की कि सैंड क्रीक हुए नरसंहार(Sand Creek Massacre) पर राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल (National Historic Site) बनेगा. जिसमें लगभग (3,500 एकड़) की जमीन आवंटित की जाएगी.

अमेरिकी कैबिनेट एजेंसी का नेतृत्व करने वाले पहले अमेरिकी मूल-निवासी हैलैंड ने कहा, “हम उन सैकड़ों लोगों की जिंदगी कभी नहीं भूलेंगे जिन्हें यहां बेरहमी भरा सुलूक किया गया था. हमारे देश के कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए थे.”

उन्होंने आगे कहा की, “सैंड क्रीक नरसंहार जैसी कहानियां बताना आसान नहीं है. लेकिन यह मेरा कर्तव्य है और हम सबका कर्तव्य यह सुनिश्चित करना कि उन्हें बताया जाए. यह कहानी अमेरिका की कहानी का हिस्सा है.”

Sand Creek Massacre में ऐसे हुआ था मूल निवासियों का नरसंहार

बताया जाता है की, नरसंहार नवंबर 1864 में हुआ था. जब अमेरिकी सैनिकों ने लगभग 750 मूल अमेरिकियों के एक शिविर पर हमला किया था. जो आज दक्षिणपूर्व कोलोराडो में है. हमले में मारे गए 230 से अधिक अमेरिकी मूल-निवासियों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे थे.

नरसंहार वाली जगह को 2007 में एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में स्थापित किया गया था. और उस भूमि को उत्तरी और दक्षिणी चेयेने (Cheyenne) और अराफाओ (Arapaho Tribes) लोगों द्वारा पवित्र माना जाता है.

इस कार्यक्रम में हैलैंड उत्तरी अरापाहो जनजाति (Arapaho Tribes) , उत्तरी चेयेने जनजाति (Northern Cheyenne Tribe) के प्रतिनिधि शामिल थे. चेयेने और अरापाहो जनजातियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कोलोराडो सीनेटर जॉन हिकेनलूपर (John Hickenlooper) और माइकल बेनेट (Michael Bennett) भी शामिल हुए.

आंतरिक विभाग ने कहा है कि एतिहासिक स्थल की कहानियों और इतिहास का अनुभव और व्याख्या करने के लिए सार्वजनिक अवसरों को बढ़ाएँगे. साइट के अधीक्षक जेनेट फ्रेडरिक ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में नरसंहार से संबंधित महत्वपूर्ण पुरातात्विक (significant archaeological) अवशेष अभी भी मौजूद हैं.

कोलोराडो के गवर्नर ने देश से माँगी थी माफी

कोलोराडो के गवर्नर सीनेटर हिकेनलूपर ने 2014 Sand Creek Massacre में हत्याओं की 150 साल की सालगिरह पर राज्य की ओर से माफी माँगी थी. ओक्लाहोमा के चेयेने और अरापाहो जनजातियों के एक आदिवासी ऐतिहासिक संरक्षण अधिकारी (tribal historic preservation officer) मैक्स बियर (Max Bear) ने इतिहास को लोगों के सामने रखने के लिए अमेरिकी सरकार के प्रयासों की सराहना की. और हुई हिंसा को ईमानदारी से दिखने के विचार का भी स्वागत किया.

आदिवासी ऐतिहासिक संरक्षण अधिकारी (tribal historic preservation officer) मैक्स बियर (Max Bear) ने कहा की, “हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे और नाती-पोते यह जानने के लिए एक कठिन लड़ाई लड़ें कि हमारे लोगों के साथ क्या हुआ था. यह बात अधिक महत्वपूर्ण है कि हमारे इतिहास को सही ढंग से बताया जाए.”

कुछ वक़्त पहले एक एजेंसी की तरफ से रिपोर्ट साझा की गई थी की अमेरिकी पहचान और संस्कृति को मिटाने की कोशिश की जा रही थी. इसी तरह की घटना कनाडा में भी हुई थी. वहां के लोगों के खिलाफ हिंसा के अपने इतिहास को लोगों के बीच पहुँचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. हालांकि अधिवक्ताओं का कहना है कि बहुत काम बाकी है.

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