रूस-यूक्रेन जंग से पैदा हुए हालात को देखते हुए नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) की मेंबरशिप का विस्तार किया जा रहा है। फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन और प्रेसिडेंट सौली नीनिस्टो पहले ही फाइनल कर चुके हैं कि उनका देश NATO मेंबरशिप के लिए अप्लाई करेगा। रविवार को NATO हेड जेम्स स्टेलबर्ग ने भी कहा कि वो फिनलैंड को फास्ट-ट्रैक मेंबरशिप देंगे। इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर दबाव बढ़ेगा।

रूस की व्‍यापारिक राजधानी और अर‍बपतियों का शहर सेंट पीटर्सबर्ग फिनलैंड की सीमा से 170 किलोमीटर दूर है। फिनलैंड के NATO सदस्‍य बनते ही रूस के उत्‍तरी मोर्चे पर भी NATO पहुंच जाएगा। जो रूस के लिए खतरे की घंटी है |

फ़िनलैंड के अलावा पड़ोसी स्वीडन भी नाटो की सदस्य्ता लेने के तैयारी कर रहा है , जो रूस के लिए बुरे सपने जैसा है | रूस ने पहले भी किसी पडोसी देश को नाटो से ना जुड़ने की धमकी दी थी परन्तु उसका कोई असर हमको देखने को नहीं मिल रहा है |

नये देशों के नाटो में शामिल होने पर तुर्की ने पहले आपत्ति की थी परतुं अब उसकी भाषा नरम हो गयी है |

अगर फ़िनलैंड और स्वीडन दोनों नाटो में शामिल हो जाते है तो ये पुतिन और रूस के लिए एक बड़ी हर होगी , क्योंकि रूस यूक्रेन में फंसा हुआ है और अपने प्लान के हिसाब से जीत हासिल नहीं कर पाया है , ऊपर से दो नए देश नाटो से जुड़ गए |

युद्ध की वजह से रूस पर कड़े वैश्विक प्रतिबन्ध लगे है ऊपर से नाटो उसके करीब आता जा रहा है ये रूस के सपनों में भी शायद न हो |

By Satyam

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