Russia के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने युद्ध के लिए अमेरिका को ठहराया ज़िम्मेदार

Russia: रूसी (Russia) विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत में रूसी दूतावास द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, “रूसी (Russia) विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन संकट के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जिम्मेदार है. क्योंकि अमेरिका आर्थिक और सैन्य-रणनीतिक दृष्टि से इससे सबसे बड़ा लाभ प्राप्त करना चाहता है.”

Russia के विदेश मंत्री ने अमेरिका पर लगाए कई गंभीर आरोप

स्थाई मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, रूसी समाचार एजेंसी TASS के साथ एक इंटरव्यू में रूसी (Russia) विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा की, “सामूहिक पश्चिम के देशों की कार्रवाई और उनके द्वारा नियंत्रित वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, यूक्रेन संकट को बढ़ावा दे रहे हैं. यह अब कोई रहस्य नहीं है कि युद्ध के मैदान पर जीत रूस की हो रही है. यह सिर्फ संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों की रणनीति है की कैसे रूस को फसाया जाए.

आगे उन्होंने कहा की, “संयुक्त राज्य अमेरिका सैन्य संघर्ष का मुख्य लाभार्थी है. क्योंकि वह आर्थिक और सैन्य-रणनीतिक दृष्टि से इससे सबसे बड़ा लाभ प्राप्त करना चाहता है. साथ ही, अमेरिका एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक लक्ष्य को संबोधित कर रहा है. जो पारंपरिक संबंधों को नष्ट कर रहा है. रूस और यूरोप के बीच और अपने यूरोपीय उपग्रहों को और भी अधिक शक्तिशाली बनाना चाहता है.”

Russia के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने युद्ध के लिए अमेरिका को ठहराया ज़िम्मेदार
Russia के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने युद्ध के लिए अमेरिका को ठहराया ज़िम्मेदार

अमेरिका खुद को कर रहा मजबूत

उन्होंने आगे कहा कि, “अमेरिका आने वाले वर्षों के लिए अपने रक्षा उद्योग के लिए आदेश देने की योजना बना रहा है. जिसने यूक्रेनी सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए सैन्य खर्च पर रोक लगा दी है. अमेरिका चाहता है कि रूस (Russia) विरोधी गठबंधन के अन्य सदस्य भी ऐसा ही करें. कीव वर्तमान में सबसे उन्नत हथियार प्राप्त कर रहा है.”

रूस (Russia) के विदेश मंत्री ने बताया है की, फरवरी से अब तक यूक्रेनी शासन को प्रदान की जाने वाली सैन्य सहायता की मात्रा 40 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक हो गई है. जो कई देशों के सैन्य बजट के बराबर है.

15 नवंबर की घटना को याद करते हुए जब एक यूक्रेनी वायु रक्षा मिसाइल पोलैंड में उतरी थी, उस पर रूस (Russia) के विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि, “उस समय ज़ेलेंस्की ने इसे रूसी मिसाइल के रूप में पारित करने की असफल कोशिश की थी. सौभाग्य से, वाशिंगटन और ब्रुसेल्स इतने चतुर थे कि उन्होंने इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली. लेकिन इस घटना ने दिखाया कि शासन किसी भी चीज़ पर नहीं रुकेगा और कितना गिर सकता है.”

परमाणु बयानबाजी के और अधिक आक्रामक होने की संभावना पर रुसी विदेश मंत्री ने कहीं ये बातें

आने वाले वर्ष में परमाणु बयानबाजी के और अधिक आक्रामक होने की संभावना पर एक सवाल के जवाब में रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने कहा, “एक ओर वे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते रहते हैं कि रूस यूक्रेन के खिलाफ परमाणु हथियारों का उपयोग करने वाला है. वास्तव में रूस की तरफ से अभी तक ऐसा कोई बयान नहीं आया है. सब कुछ झूठ है.”

आगे उन्होंने कहा की,  “हम जो कह रहे हैं वह पूरी तरह से अलग है. रूस (Russia) के पूर्ण नियंत्रण की पश्चिमी नीति अत्यंत खतरनाक है. यह अंततः परमाणु शक्तियों के बीच सीधे सशस्त्र टकराव में बढ़ सकती है. हम उन्हें इसके बारे में चेतावनी देते रहे हैं. और हम बार-बार दोहराते रहे हैं. बयान में उनके हवाले से कहा गया है कि परमाणु युद्ध नहीं जीता जा सकता और इसे कभी नहीं लड़ा जाना चाहिए.”

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