Russia: यूक्रेन युद्ध के 100 दिनों में रूस ने ईंधन निर्यात से 98 अरब डॉलर कमाए

रूस (Russia) का राजस्व रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है. एक रिपोर्ट से पता चलता है कि युद्ध के पहले 100 दिनों के दौरान तेल और गैस के निर्यात से रूस ने कमाई के मामलें में ऊंचाई छू ली है. मिली जानकारी के मुताबिक यूक्रेन में युद्ध के पहले 100 दिनों के दौरान रूस ने जीवाश्म ईंधन के निर्यात से 93 बिलियन यूरो कमाए हैं.

अध्ययन में क्या सामने आया है

Aljazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, अध्ययन सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर(CREA), एक स्वतंत्र, फिनलैंड(Finland) स्थित समूह द्वारा किया गया है. अध्ययन रिपोर्ट तब आई है जब कीव(Kyiv) पश्चिम से रूस(Russia) से सभी संबंध तोड़ने का आग्रह कर रहा है. रिपोर्ट से पता चलता है कि रूसी कच्चे तेल के निर्यात में भारत की हिस्सेदारी युद्ध से पहले 1% से बढ़कर मई में 18% हो गई है. CREA के अनुसार, रूस का औसत निर्यात मूल्य पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक था.

फिनलैंड(Finland) स्थित सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की रिपोर्ट से पता चलता है कि रूसी तेल, गैस और कोयले के लिए शीर्ष ग्राहक 12.6 बिलियन यूरो के साथ चीन(China) हैं, इसके बाद जर्मनी(Germany) (12.1 बिलियन यूरो) और इटली(Itlay) (7.8) का स्थान है. इन सब के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अपना दुःख ज़ाहिर करते हुए कहा है कि उनकी सेना औद्योगिक केंद्र के “सचमुच हर मीटर” के लिए लड़ रही है.

बता दें की, मई में रूस के निर्यात में गिरावट देखी गई थी. कई देशों और कंपनियों ने युद्ध पर अपनी आपूर्ति को छोड़ दिया था. जीवाश्म ईंधन की कीमतों में वैश्विक वृद्धि ने क्रेमलिन के खजाने को भरना जारी रखा जिसकी वजह से निर्यात राजस्व रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया. डोनबास(Donbas) में रूस को कमज़ोर माना जाता रहा है क्योंकि, अगर रूस(Russia) डोनबास(Donbas) की लड़ाई में प्रबल होता है, तो इसका मतलब यह होगा कि यूक्रेन(Ukraine) न केवल अपनी जमीन खो देता, बल्कि शायद अपने सबसे सक्षम सैन्य बलों का बड़ा हिस्सा खो देता.

Nexta का ट्वीट…

 

 

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