September 29, 2022
यूक्रेन युद्ध का विरोध करने पर Russia ने 1,300 से ज्यादा लोगों को लिया हिरासत में

यूक्रेन युद्ध का विरोध करने पर Russia ने 1,300 से ज्यादा लोगों को लिया हिरासत में

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Russia: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन हमले के बाद से उनको कई जगह खिलाफत का सामना करना पड़ रहा है. आब हाल ये हो गया है की, उन्ही के देश रूस (Russia) में उनका विरोध शुरू हो गया है. हालाँकि, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है. लेकिन फिर भी लोगों के बीच गुस्से का माहौल है.

Russia में अपनी ही सरकार के खिलाफ लोग उतरे सड़कों पर

स्थाई मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, 38 विभिन्न शहरों में रैलियों का अयोजन किया गया था. जिसमें से लगभग 1300 लोगो को सरकार ने हिरासत में लिया है. बता दें की, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस सख्त़ी से पेश आ रही है. मॉस्को से वीडियो सामने आए जहां कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा ले जाते देखा जा सकता है.

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारे बाजी भी की. रूस-यूक्रेन के युद्ध को लगभग सात महीने हो चुगे हैं. लेकिन अभी दोनों देशों में से किसी ने हार नहीं मानी है. OVD-Info ने कहा कि मास्को में कम से कम 502 और सेंट पीटर्सबर्ग में 524 को हिरासत में लिया गया है. ऐसा बताया जा रहा है की रूस के कानून के तहत ये रैलियाँ अवैध हैं.

रूसी आंतरिक मंत्रालय के अधिकारी इरिना वोल्क ने रूसी समाचार एजेंसियों के हवाले से एक बयान में कहा कि, अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन को कंट्रोल करने के लिए प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में लिया है. इसके आलावा कई इलाकों में अनधिकृत कार्यों को संचालित करने का प्रयास किया जा रह था. जांच के लिए इन प्रदर्शनकारियों को पुलिस थानों में ले जाया गया है और इसके साथ ही उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी.

इसके साथ ही बता दें की, मास्को अभियोजक के कार्यालय ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों को आयोजित करने या भाग लेने में 15 साल तक की जेल हो सकती है. फरवरी में यूक्रेन पर रूस (Russia) के हमले के बाद से ये रूस में ये पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ है.

मिलट्री ड्राफ्ट पर मचा हुआ है बवाल

रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन का लक्ष्य अगले साल से रूसी सेना को 900,000 सैनिकों की वर्तमान शक्ति से बढ़ाकर 1.4 मिलियन करना है. बता दें की, बुधवार 21 सितंबर को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मिलट्री ड्राफ्ट का आदेश जारी किया था.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद ये पहली बार है जब रूस में मिलट्री ड्राफ्ट जारी किया गया है. इसका सीधा मतलब है कि रूस के आम नागरिकों में जो भी युद्ध लड़ने लायक होगा. उसे सेना में शामिल किया जाएगा.

अब रूस में माहौल तेज़ी से बिगड़ रहा है. कई लोग देश छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. रूसी सरकार ने रूसी एयरलाइंस को 18 से 60 वर्ष की आयु के पुरुषों को देश से उनके पलायन को रोकने के लिए टिकट बेचना बंद करने का आदेश दिया है.

जानकारों द्वारा बताया जा रहा है की, रूस तीन लाख सैनिकों की भर्ती कर रहा है. अब रूस को यूक्रेन से युद्ध जारी रखने के लिए अधिक सैनिकों की ज़रूरत पड़ रही है. लेकिन जनता रूस के इस ड्राफ्ट का समर्थन नहीं कर रही है. रूस की जनता इसको जबरन भर्ती बता रही है और अब सरकार के सामने डटकर खड़ी हो गई है.

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