September 25, 2022
RSS Chief मोहन भागवत ने की मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात, अहम मुद्दों पर की चर्चा

RSS Chief मोहन भागवत ने की मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात, अहम मुद्दों पर की चर्चा

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Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख (RSS Chief) मोहन भागवत ने गुरुवार को प्रमुख इमाम डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी (Umer Ahmed Ilyasi) समेत कई मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात की.

RSS के करीबी सूत्रों के अनुसार, बैठक में हिजाब विवाद, ज्ञानवापी और धर्मों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है.

RSS Chief के अलावा ये लोग थे मौजूद

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के अलावा, डॉ कृष्ण गोपाल, इंद्रेश कुमार, रामलाल और करिश कुमार सहित RSS के वरिष्ठ सदस्यों ने भी आज की बैठक में भाग लिया.

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने एएनआई को बताया कि यह बैठक संवाद प्रक्रिया का एक हिस्सा थी. आरएसएस सरसंघचालक सभी क्षेत्रों के लोगों से मिलते हैं. यह एक बहुत सामान्य संवाद प्रक्रिया का हिस्सा है. इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.

बता दें की, ज्ञानवापी को लेकर भी विवाद शुरू होने के बाद से आरएसएस प्रमुख ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों से ये पहली मुलाकात की है. आरएसएस के करीबी सूत्रों के अनुसार, संघ के विचारों के प्रचार और धार्मिक समावेश के विषय को बढ़ावा देने के लिए बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में ज्ञानवापी विवाद, हिजाब विवाद और जनसंख्या नियंत्रण जैसी हालिया घटनाओं पर चर्चा हुई है.

आज भी कोर्ट में चल रहा है हिजाब विवाद

हिजाब को लेकर कर्नाटक कॉलेज से शुरू हुआ विवाद फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. खुफिया एजेंसियों के निष्कर्षों में यह भी सामने आया कि विवाद को ट्रिगर करने के पीछे पीएफआई का बताया हाथ था.

बैठक में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CIC) एस वाई कुरैशी, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल (LG) नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के पूर्व चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल ज़मीर उद्दीन शाह, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और व्यवसायी सईद जैसे कई बुद्धिजीवियों ने भाग लिया.

इससे पहले राम मंदिर के फैसले के समय भी आरएसएस (RSS) सक्रिय हो गया था. आरएसएस के वरिष्ठ सदस्यों ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात की और यह संदेश दिया कि जो भी आदेश आएगा, उसे सभी शांतिपूर्वक स्वीकार करेंगे.

वैसे तो 2019 में मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) की अरशद मदनी के साथ मुलाकात हुई थी लेकिन उस बात पर कभी आरएसएस ने खुल कर बात नहीं की. आरएसएस का कहना है की उसने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि धर्म चाहे कोई भी लेकिन राष्ट्रवाद हर किसी के दिल में होना चाहिए.

उमैर इलयासी ने RSS Chief को बताया राष्ट्रपिता

बता दें की, उमैर इलयासी ने आरएसएस प्रमुख (RSS Chief) मोहन भागवत को राष्ट्रपिता बताया. उमैर इलयासी ने कहा कि, “मोहन भागवत का हमारे यहां आना एक सौभाग्य की बात है. वो इमाम हाउस पर आज मुलाकात करने आए और वो हमारे राष्ट्रपिता और राष्ट्र ऋषि हैं.”

उन्होंने अपने आधिकारिक बयान मे कहा है की,

“देश की एकता, अखंडता बनी रहनी चाहिए, हमारी पूजा करने के तरीके अलग हो सकते हैं और उससे पहले हम सब इंसान हैं और इंसानियत हमारे अंदर रहनी चाहिए और हम भारत में रहते हैं तो हम भारतीय हैं. भारत विश्व गुरु बनने की कगार पर पहुंच रहा है और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हम सभी को प्रयासरत रहना चाहिए.”

 

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