ऊर्जा मंत्री RK Singh ने कहा की, भारत 2030 तक 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा कर लेगा हासिल

RK Singh: ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (RK Singh) ने बुधवार को कहा कि भारत 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन से 50 प्रतिशत बिजली क्षमता को पार कर जाएगा. उन्होंने कहा कि हालांकि पिछले कुछ वर्षों में बिजली की मांग में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

ऊर्जा लक्ष्य का 40 प्रतिशत हासिल किया भारत ने

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत ने लक्ष्य से नौ साल पहले अक्षय ऊर्जा लक्ष्य का 40 प्रतिशत हासिल कर लिया है. इंडिया आइडियाज समिट (India Ideas Summit) एक व्यावसायिक कार्यक्रम में बोलते हुए. ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने यह भी कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन दुनिया में सबसे कम है.

ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (RK Singh) ने कहा की,

“हम 2030 से पहले गैर-जीवाश्म ईंधन से 50 प्रतिशत बिजली क्षमता को पार कर लेंगे. वास्तव में, हमने अपने और अपने मंत्रालय के लिए एक आंतरिक लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2030 तक हमारे पास गैर-जीवाश्म ईंधन से 65 प्रतिशत क्षमता होगी. हम दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से हैं.”

ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा की, “अगर आप ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार कुल कार्बन लोड को देखें. तो अब तक कुल CO2 लोड में हमारा योगदान सिर्फ 3.4 प्रतिशत है और हमारी आबादी 17.7 प्रतिशत है. इन सबके बावजूद भारत ने तय किया कि उसका पर्यावरण महत्वपूर्ण है और उसने बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं.”

ग्रीन हाइड्रोजन स्पेस पर ऊर्जा मंत्री ने कहीं ये बातें

ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा की, “हमने पेरिस में COP21 के अनुसार संकल्प किया था कि 2030 में हमारी क्षमता का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन से आएगा और मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हम उस 9 साल पहले के 41.5 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं.”

ग्रीन हाइड्रोजन स्पेस पर, ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार भारत को दुनिया में सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और बताया कि पीएलआई योजना के बिना भी भारत में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की लागत प्रतिस्पर्धी है.

ऊर्जा मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार हरी हाइड्रोजन और हरी अमोनिया के लिए बोलियां लाएगी. अपतटीय पवन बोलियों पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि निविदाएं जल्द ही निकल जाएंगी. सिंह ने खुलासा किया कि केंद्र जल्द ही ग्रिड-स्तरीय अक्षय ऊर्जा भंडारण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू करेगा. आगे उन्होंने कहा की, भंडारण की लागत को कम करने का एकमात्र तरीका यहां निर्माण शुरू करना और मात्रा जोड़ना है और यही मैं करने जा रहा हूँ.

भंडारण में हो रहा विस्तार

ऊर्जा मंत्री ने भंडारण के लिए कहा की, “हम भंडारण में विस्तार कर रहे हैं और 1,000 मेगावाट की निविदा के साथ विश्व स्तर पर सबसे बड़ी बोलियों में से एक मंगाई है. वह बोली फाइनल हो चुकी है. वास्तव में, यह दुनिया में भंडारण के लिए सबसे बड़ी बोलियों में से एक है और हमारे आकार के कारण हमारी सभी बोलियां दुनिया में सबसे बड़ी होंगी.”

आगे उन्होंने कहा की, हमें जो दर मिली है वह 9.30 रुपये प्रति किलोवाट घंटा (यूएस सेंट 11-12 प्रति यूनिट) है. जो थोड़ा महंगा है क्योंकि सौर से मेरी बिजली की लागत सेंट 2.5-2.6 प्रति यूनिट है और मेरी बैटरी की लागत 11 सेंट प्रति यूनिट है. जो पांच गुना है मेरी ऊर्जा की कीमत है. इसलिए भंडारण लागत को कम करने का एकमात्र तरीका यहां निर्माण शुरू करना और मात्रा बढ़ाना है.

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