Xi Jinping के दोबारा China के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद, देश छोड़कर भाग रहे अमीर लोग

Xi Jinping: पिछले महीने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी से गिरावट आई है. बता दें की चीनी नेता शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल हासिल किया है. और वो फिर से चीन के राष्ट्रपति बन गए हैं.

Xi Jinping के फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद अमीर लोग छोड़ रहे देश

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी की दो दशक की बैठक के बाद, राजधानी बीजिंग तेजी से चीनी बाजार से हट रही है. इसका सबसे बड़ा कारन है की अमीर लोग चीन छोड़कर भाग रहे हैं. इस पर विश्लेषकों का कहना है कि यह देश में भविष्य की स्थिति को लेकर बाजार के मिजाज को दर्शाता है.

Xi Jinping के दोबारा China के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद, देश छोड़कर भाग रहे अमीर लोग
Xi Jinping के दोबारा China के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद, देश छोड़कर भाग रहे अमीर लोग

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल जीतने के बाद अपनी सरकार में नए लोगो को शामिल किया है. ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि शीर्ष नेता शी जिनपिंग बीजिंग में अर्थव्यवस्था, विदेशी संबंधों और मानवाधिकारों के संबंध में अधिक कठोर नीतियां लागू की जा सके.

सात लोगों की हिस्सेदारी वाली समिति बनाई गई है

चीन में सात लोग पार्टी की नई स्थायी समिति बना रहें हैं. जिसके अध्यक्ष शी (Xi Jinping) हैं. जिसमें छह लोगों को चीनी नेता शी जिनपिंग (Xi Jinping) द्वारा चुना गया है. बताया जा रहा है की यह लोग चीनी नेता शी जिनपिंग की तरफ पूरी तरह से समर्पित हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि शंघाई में लग्जरी घरों में बाजार मूल्य से करीब 40 फीसदी की गिरावट आई है और कुछ लोग उन्हें बेच रहे हैं. अन्य रिपोर्टों में विस्तार से बताया गया है कि बड़ी संख्या में लक्जरी घर बेचने में लगे हुए हैं.

एरिक स्टर्ड्ज़ा इन्वेस्टमेंट्स में स्ट्रैटेजिक चाइना पांडा फंड का प्रबंधन करने वाले लिलियन कंपनी ने कहा है कि नई सात-सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्थायी समिति (Politburo Standing Committee) से बाजार स्पष्ट रूप से निराश है. यह समिति शी (Xi Jinping) के सहयोगियों से भरी हुई है.

स्ट्रैटेजिक चाइना पांडा फंड का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने कहीं ये बातें

स्ट्रैटेजिक चाइना पांडा फंड का प्रबंधन करने वाले लिलियन कंपनी ने आगे कहा है की, “शी की विचारधारा पिछले कुछ वर्षों में बाजार के अनुकूल नहीं रही है. शी के प्रति वफादार नेतृत्व टीम का मतलब है कि जब तक वह सत्ता में हैं तब तक नीति की दिशा में कोई बदलाव नहीं होगा.”

चीन पर कई देशों का दबाव बना हुआ है. चीन की दावेदारी मुख्य बाज़ार से कम करने के लिए अमेरिका कई कड़े कदम उठा रहा है. हाल ही में खबर आई थी की चीन की हिस्सेदारी वाली ड्रोन कंपनी DJI को अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है.

अमेरिका चीन पर बना रहा है दबाव

चीनी कंपनियों के लिए अमेरिका व्यापार करना मुश्किल करना चाहता है. इसलिए वो कई तरह के नियम लागू कर रहा है. जबसे चीन और ताइवान के बीच तकरार तेज़ हुई है तबसे अमेरिका ने चीन पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है.

उधर चीन की जीरो कोविड नीती के चलते कई कंपनी चीन से भागने को तैयार हैं. चीन के इस नीती की वजह से चीन में कई कारखाने बंद हो गए हैं. चीन एक बुरे दौर से गुज़र रहा है. चीन की इस नीती का विरोध स्थाई लोगों ने भी किया था. लेकिन चीनी सरकार पर इसका कोई असर नहीं हुआ.

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