Turkey पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Recep Tayyip Erdoğan चाहते हैं नया संविधान

Recep Tayyip Erdoğan: तुर्की के राष्ट्रपति, रेसेप तईप एर्दोगन ने पिछले शुक्रवार को अंकारा में दिए गए एक भाषण में अपने देश (Turkey) के लिए एक नए संविधान का वादा किया था जिसमे नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की गारंटी भी ली थी.

Recep Tayyip Erdoğan ने कही ये बातें

तुर्की (Turkey) के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan ने कहा की, “1980 में सैन्य तख्तापलट के बाद तैयार किए गए 12 सितंबर के संविधान का शेल्फ लाइफ पहले ही समाप्त हो चुका है. राष्ट्रपति ने नए संविधान के साथ देश में कानून, बहुलवाद और समानता (pluralism and equality ) को मजबूत करने का वादा किया.

राष्ट्रपति ने आगे कहा की, कि वह देश (Turkey) को तख्तापलट से बचाने की कोशिश कर रहे हैं. नागरिकों की स्थिति को सुधारने की कोशिश भी कर रहे हैं. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, देश के विकास के लिए उन्होंने अपना एक नजरिया पेश किया. अपने दिए गए एक भाषण में उन्होंने ने “सेंचुरी ऑफ तुर्की विजन” के विचार की घोषणा भी की.

Turkey के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan अपने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए चाहते हैं नया संविधान
            Turkey के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan अपने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए चाहते हैं नया संविधान

उन्होंने कहा, “हम अपने गणतंत्र की 100वीं वर्षगांठ को एक नए युग का टर्निंग पॉइंट बनाना चाहते हैं. जो तुर्की में अपनी शैली, कार्यप्रणाली और परिणामों के साथ राजनीति को बदल देगा.” उन्होंने आगे कहा की, “हम देश (Turkey) में नया संविधान लाएंगे. यह हमारे देश का सबसे मौलिक अधिकार है. इसने एक हजार साल तक अपनी मातृभूमि की रक्षा करने की कीमत चुकाई है.”

संविधान की शेल्फ लाइफ हो रही है खत्म

तुर्की (Turkey) के राष्ट्रपति ने अपने दिए गए भाषण में कहा है की, “1980 में सैन्य तख्तापलट के बाद तैयार किए गए 12 सितंबर के संविधान का शेल्फ जीवन पहले ही समाप्त हो चुका है.” तुर्की के राष्ट्रपति ने आगे कहा की, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 2021 के लिए द वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट रूल ऑफ लॉ इंडेक्स में, जो 139 देशों या अधिकार क्षेत्र में कानून के शासन का मूल्यांकन करता है. तुर्की कानून के शासन पर 139 देशों में से 117 वें स्थान पर है.

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा तैयार किए गए 2022 वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में, तुर्की (Turkey) 180 देशों में 149वें स्थान पर है. एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी कि तुर्की में सत्तावाद बढ़ रहा था और मीडिया बहुलवाद (media pluralism) घट रहा था. साथ ही आलोचकों को कमजोर करने के लिए सभी संभव साधनों का उपयोग किया जा रहा है.

तुर्की में है बड़ा जेंडर गैप

इसके अलावा, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2022 के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं के बीच असमानताओं के मामले में तुर्की 146 देशों में से 124वें स्थान पर है. इसका एक मुख्य कारण यह है कि महिलाओं की आय औसतन पुरुषों की आय का केवल 47 प्रतिशत है. बता दें की, संवैधानिक संशोधनों के लिए तीन जनमत संग्रह 2007, 2010 और 2017 में सत्तारूढ़ एकेपी (KPK) के तहत आयोजित किए गए थे.

जानकारों का कहना है की, एर्दोगन(Recep Tayyip Erdoğan) और उनके सहयोगी देवलेट बाहसेली संविधान को इस तरह से बदलना चाहते हैं. जो उनके अपने चुनावी रणनीती के उद्देश्य के अनुकूल हो. लेकिन उनके पास ऐसा करने के लिए आवश्यक वोट नहीं हैं.

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