Rajouri: 15 अगस्त से पहले बड़े आतंकी हमले की साजिश को सेना ने किया नस्तेनाबूत

Rajouri: स्वतंत्रता दिवस से पहले आज जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के राजौरी (Rajouri) में आतंकियों (Terrorists) ने उरी (Uri Attack) को दोहराने की कोशिश की लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों ने आतंकियों (Terrorists) के मंसूबों को नस्तेनाबूत कर दिया.

आतंवादियों के मंसूबों पर फिर पानी

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना ने गुरुवार को यहां भारतीय सेना के एक अड्डे (Rajouri) पर आत्मघाती हमले को नाकाम कर दिया. जिसमें दोनों आतंकवादी मारे गए, जबकि सेना के तीन जवानों की जान चली गई है. सेना के अधिकारियों ने यहां बताया कि हमले में एक अधिकारी और दो जवान भी घायल हुए हैं और उन्हें आगे के इलाज के लिए चिकित्सा सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है.

भारतीय सेना के अधिकारियों ने एएनआई को बताया की, “राजौरी से 25 किमी दूर एक आतंकवादी हमले में, दो आतंकवादियों ने सेना की एक कंपनी के संचालन अड्डे पर आत्मघाती हमला किया. दोनों आतंकवादी मारे गए हैं. जबकि अपने ही तीन जवानों की जान चली गई है. ऑपरेशन प्रगति पर है.”

ऐसा बताया जा रहा है की, आतंकवादी हमले में एक अधिकारी और दो अन्य जवान घायल हो गए हैं और उन्हें इलाज के लिए भेजा गया है. बता दें की, 16 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह लगातार जमीनी हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

आतंकवादी उरी जैसे हमले की रच रहे थे साजिश

जानकारी के मुताबिक, राजौरी के दारहल इलाके में स्थित परगल में एक राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के कंपनी ऑपरेटिंग बेस पर आत्मघाती हमला हुआ. जो उरी जैसे हमले को अंजाम देने के प्रयास लग रहा था. देश में 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से कुछ दिन पहले आर्मी कैंप में घुसपैठ की कोशिश की गई है.

विशेष रूप से, यह हमला बडगाम में सुरक्षा बलों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराए जाने के एक दिन बाद हुआ है. मारे गए आतंकवादियों में से एक नागरिक राहुल भट और अमरीन भट की हत्या में शामिल था.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) कश्मीर के एक ट्वीट ने कहा है की, “लश्कर-ए-तैयबा के तीनों छिपे हुए आतंकवादियों को मार गिराया. घटनास्थल से शव निकाले जा रहे हैं. पहचान का पता नहीं चल पाया है. आपत्तिजनक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया. हमारे लिए एक बड़ी सफलता.”

क्या हुआ था उरी हमले में

2016 में अंधेरे का फायदा उठाते हुए जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-E -Mohammed) के आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना (Indian Army) के हेडक्वार्टर पर कायराना हमला कर दिया था. इस हमले में सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे.

उरी हमले ने हर हिन्दुस्तानी का दिल दहला दिया था. उरी हमले के 10 दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकियों को सबक सिखाने का प्लान बनाया था. बता दें की, 28-29 सितंबर की आधी रात जवानों ने पीओके में 3 किलोमीटर अंदर घुसकर आ​तंकियों के ठिकानों को तबाह कर डाला और 38 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था.

जानकारी के लिए बता दें की, अभी तो फिलहाल सेना ने सारा मामला अपने कंट्रोल में किया हुआ है. देश में शांति बनी रहे भारतीय सेना ने इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजामात किए हैं.

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