Rajasthan Politics: सचिन पायलट से तकरार के चलते अब कांग्रेस आलाकमान से भिड़े अशोक गहलोत

Rajasthan Politics: सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच ये कोई पहली बार सियासी जंग नहीं छिड़ी है. इसके पहले भी दोनों के बीच एक बड़ी और कड़ी तकरार हो चुगी है. अशोक गहलोत किसी भी हाल में सचिन पायलट को सीएम की कुर्सी सौंपने के मूड में नहीं है. लेकिन पार्टी शीर्ष नेतृत्व पायलट के साथ खड़ी है. यही कारण है कि अब राजस्थान में गहलोत बनाम आलाकमान के बीच तकरार की स्थिति बन गई है.

कांग्रेस आलाकमान और अशोक गहलोत के बीच तकरार

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने को लेकर अशोक गहलोत (Rajasthan political crisis) के 90 से अधिक कांग्रेस विधायकों ने विद्रोह कर दिया है. ऐसा माना जा था है की 90 से अधिक विधयाकों ने अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है.

गहलोत गुट के विधायकों ने कल एक बैठक को छोड़ दिया और कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने तक यानी 19 अक्टूबर तक ये गुट किसी भी मीटिंग में शामिल नहीं होने की बात कही है. उन्होंने अपनी कुछ शर्ते भी रखीं हैं.

पहली शर्त ये है की सरकार बचाने वाले 102 विधायकों यानी गहलोत गुट से ही सीएम बने. दूसरी शर्त है की सीएम तब घोषित हो, जब अध्यक्ष का चुनाव हो जाए. तीसरी शर्त ये भी है की जो भी नया मुख्यमंत्री हो, वो गहलोत की पसंद का ही हो.

सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने को लेकर अब अशोक गहलोत सीधा कांग्रेस आलाकमान से भीड़ गए हैं. अशोक गहलोत ने अपने पसंदीदा मुख्यमंत्री पद के दावेदार की सूचि कांग्रेस आलाकमान को भेजी  है. जिसमें सीपी जोशी, गोविंद सिंह डोटासरा, रघु शर्मा, हरीश चौधरी और भंवर सिंह भाटी का नाम शामिल है.

कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ को बुलाया दिल्ली

मिली जानकारी के मुताबिक, राजस्थान संकट सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ को दिल्ली बुलाया है. कमलनाथ दिल्ली पहुंच चुके हैं. उधर ऐसा बताया जा रहा है की जयपुर के मैरियट होटल में अशोक गहलोत ने  अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की है.

अजय माकन ने अपने अधिकारिक बयान में कहा है की,

“विधायक दल की बैठक में MLAs का नहीं आना अनुशासन हीनता है. इस बैठक के दौरान उन्होंने खुद बैठक बुला ली. ये भी अनुशासनहीनता है और हम देखते हैं कि क्या एक्शन लिया जा सकता है. हम एक-एक विधायक से मिलकर उनकी राय जानना चाहते थे. लेकिन वे सामूहिक रूप से मिलने पर अड़े रहे. गहलोत समर्थक 102 MLAs में से ही सीएम बनाने की बात पर अड़े हैं.”

बता दें की अशोक गहलोत और सचिन पायलट का विवाद 2018 के विधानसभा चुनावों से शुरू हुआ था. हालाँकि, उस वक़्त सचिन पायलट के समर्थकों का कहना था की राजस्थान में कांग्रेस को जीत सचिन ने दिलाई है इसलिए उनको राजस्थान का मुख्यमंत्री बनना चाहिए. लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत को पद के लिए समर्थन दिया था. और आखिरी में उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाया गया था.

अपने बेटे वैभव गहलोत के लिए अशोक गहलोत कर चुके हैं सिफारिश

बता दें की, जानकारों का मानना है की अशोक गहलोत राजस्थान की कमान अपने से नहीं जाने देना चाहते हैं. अशोक गहलोत दूर के सपने देख रहें हैं. दरअसल, नवभारत टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक, अशोक गहलोत ने  2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अपने के बेटे वैभव गहलोत के लिए टिकट की सिफ़ारिश कांग्रेस हाईकमान से की थी.

जिसके बाद से कयास ये लगाए जा रहें हैं की अब अशोक गहलोत राजस्थान की राजनीती (Rajasthan Politics) में अपने बेटे को आगे बढ़ाना चाहते हैं. हालाँकि, अभी इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है. अब देखने वाली ये है की, कांग्रेस आलाकमान गहलोत की बात मानेंगे या फिर राजस्थान में भी मध्य प्रदेश वाला हाल देखने को मिलेगा.

One thought on “Rajasthan Politics: सचिन पायलट से तकरार के चलते अब कांग्रेस आलाकमान से भिड़े अशोक गहलोत”

Leave a Reply