September 25, 2022
Qamar Javed Bajwa: पाकिस्तान सेना प्रमुख जा सकतें हैं अमेरिका दौरे पर

Qamar Javed Bajwa: पाकिस्तान सेना प्रमुख जा सकतें हैं अमेरिका दौरे पर

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Qamar Javed Bajwa: पाकिस्तान की माली हालत किसी से छुपी नहीं है. पाकिस्तान में दिन पर दिन आर्थिक संकट गहरा रहा है. इसी खबर आई है की, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा द्वारा आईएमएफ से जल्द से जल्द धन के वितरण में मदद के लिए वाशिंगटन से अनुरोध किया था. इसी मामले में अब वो अमेरिका जा सकतें हैं.

अमेरिका जा सकते हैं बाजवा

ANI के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, एक सूत्र ने पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया आउटलेट डॉन को बताया, “जल्द ही एक तारीख को अंतिम रूप दिया जाएगा.” हालाँकि, यात्रा की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए किसी भी पक्ष ने वार्ता के एजेंडे की घोषणा नहीं की है. जो जनरल बाजवा के वाशिंगटन में आयोजित होने की संभावना है.

संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तानी अधिकारी थल सेना प्रमुख बाजवा की वाशिंगटन यात्रा के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. सिकुड़ते विदेशी भंडार के कारण बिगड़ते संकट के बीच, बाजवा ने दक्षिण एशियाई देश को एक आसन्न आर्थिक आपदा से बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से धन का शीघ्र वितरण हासिल करने में मदद के लिए अमेरिका से संपर्क किया था.

बता दें की, आर्थिक मोर्चे पर समर्थन मांगने के लिए, पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने बाजवा (Qamar Javed Bajwa) को अमेरिकी अधिकारियों से बात करने और आईएमएफ फंड के शीघ्र वितरण के लिए अपने प्रभाव का उपयोग करने के लिए राजी किया.

पाकिस्तान को आर्थिक संकट से बचाने के लिए हुई वार्ता

द न्यूज इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रीमियर और सीओएएस ने देश की अर्थव्यवस्था को संकट जैसी स्थिति से बचाने के लिए अन्य विकल्पों पर भी चर्चा की. रिपोर्ट के अनुसार, बाजवा ने अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन को फोन किया और उनसे 1.2 बिलियन अमरीकी डालर के वितरण में तेजी लाने की अपील की.

सेना प्रमुख का यह कदम तब आया है जब पाकिस्तान विदेशी भंडार की कमी के कारण गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि सरकार ने अमेरिकी प्रशासन से मदद के लिए संपर्क किया है.

द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि संघीय वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूत से मुलाकात की थी और आईएमएफ पर अमेरिकी सरकार के प्रभाव की मांग की थी.

रिपोर्टों के अनुसार, आईएमएफ की बोर्ड बैठक अगस्त के तीसरे सप्ताह के लिए निर्धारित है और स्थानीय मुद्रा पर दबाव ने पहले ही एक बहस छेड़ दी है कि क्या देश अपनी लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में सक्षम होगा.

गर्त में जा रही पाकिस्तान की अर्थव्यस्था

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लगातार गर्त में डूबती जा रही है. शहबाज सरकार भी देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था  को सुधारने में विफल साबित हो रही है और जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है. इस बीच बीते 11 महीनों में पाकिस्तान सरकार का कुल कर्ज 15.3 फीसदी बढ़ गया है.

पाकिस्तान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घरेलू लोन अर्थव्यवस्था के विकास के लिए एक गंभीर समस्या का कारण बनता है. क्योंकि अधिकांश राजस्व का उपयोग ऋणों की अदायगी के लिए किया जाता है.

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