Putin ने Mariupol के कसाई को सौंपी युद्ध की कमान, बनाया नया Deputy डिफेंस मिनिस्टर

Putin: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के खत्म होने के अभी कोई आसार नहीं है. दोनों देशों के बीच युद्ध को लगभग सात महीने से ज्यादा का समय होने जा रहा है.
इस बीच रूस के राष्ट्रपति पुतिन (Putin) ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने अपने उप-रक्षा मंत्री को हटा दिया है. इस बात की अधिकारिक पुष्टि रूसी रक्षा मंत्रालय ने भी की है.

किसको Putin ने सौंपी है युद्ध की कमान

मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति पुतिन (Putin) ने उप रक्षा मंत्री दिमित्री बुल्गाकोव से युद्ध की कमान वापस ले ली है. अब उन्होंने मारियुपोल के कसाई कहे जाने वाले कर्नल जनरल मिखाइल मिज़िंटसेव को युद्ध की कमान सौंपी गई है.

टेलीग्राम पर रूस के रक्षा मंत्री ने शनिवार को कहा की, “सेना के जनरल दिमित्री बुल्गाकोव को उप रक्षा मंत्री के पद से हटा कर दिया गया है. कथित तौर पर, देश के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में रुसी सेना की असफ़लतों के बाद उन्हें निकाल दिया है.”

जनरल दमित्री बुलगाकोव की जगह अब 60 साल के कर्नल जनरल मिखाइल मिजिनत्‍सेव ने ली है. BBC की मानें तो राष्ट्रपति पुतिन को दमित्री बुलगाकोव को हटाने का फैसला उन्‍हें दी गई सजा के तौर पर देखा जा रहा है. वैसे बता दने की, नए उप रक्षा प्रमुख मिखाइल पर UK की तरफ से प्रतिबंध लगे हुए हैं.

नए रूप अब रुसी सेना उतरेगी जंग के मैदान में

रुसी रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है की, अब सेना को नए रूप में जंग के मैदान में उतारा जाएगा. हालाँकि, अभी रक्षा मंत्रालय ने साफ़ नहीं किया है आगे उनकी क्या रणनीति होने वाली है.

स्थाई मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक कर्नल जनरल मिखाइल मिजिनत्‍सेव ने यूक्रेन के मारियुपोल शहर पर सबसे क्रूर हमलों का आदेश दिया है. जिसमे बहुत से बेगुनाह शहरियों को रुसी सैनिको ने मौत के घाट उतर दिया था , जिसके बाद ही उन्हें मारियुपोल का कसाई कहा जाने लगा था। 

रूस ने अपने दो सहयोगियों उत्तर कोरिया और ईरान पर भी नए तोपखाने और ड्रोन के लिए दबाव डाला है. ऐसा बताया जा रहा है की रूस चाहता है की उत्तर कोरिया और ईरान उसकी मदद की लिए हमेशा हाज़िर रहें.

जानकारी के लिए बता दें की, पिछले दिनों राष्‍ट्रपति पुतिन ने ऐलान किया था कि करीब तीन लाख सैनिकों को यूक्रेन में तैनाती के लिए भेजा जाएगा. द्वितीय विश्‍व युद्ध के बाद से यह पहली बार है जब रूस की तरफ से इतने सैनिकों की तैनाती की जाएगी.

हाल ही के दिनों में राष्ट्रपति पुतिन ने एक मिलिट्री ड्राफ्ट का एलान किया था. जिसमें जबरन लोगों की सेना में भर्ती की जा रही थी. ऐसा बताया जा रहा था की रूस में 18 साल से लेकर 60 साल तक के पुरुषों के देश से बाहर जाने पर भी पाबंदी लग गई जाएगी.

मीडिया से जानकारी मिली है की, दो दिन पहले ही रूस ने उन 215 लोगों को रिहा कर दिया है जिन्‍हें मारियुपोल में बंदी बनाया गया था. जिनमें कई टॉप यूक्रेनी मिलिट्री लीडर्स भी शामिल हैं. रूस ने अजोव में पकड़े यूक्रेनी कमांडर और डिप्‍टी कमांडर को भी छोड़ दिया है. जानकारों का मानना है की, अगर युद्ध ज्यादा समय तक तो दुनिया और ज्यादा बर्बादी की ओर बढ़ेगी. जितना जल्दी हो इस युद्ध पर विराम लगना चाहिए.

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