Presidential election: फारुख अब्दुल्ला ने उम्मीदवार करने से किया साफ़ इनकार

Presidential election: फारूक अब्दुल्ला(Farooq Abdullah) ने राष्ट्रपति चुनाव(Presidential election) के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में अपना नाम वापस लेते हुए कहा कि वह बेहद महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे जम्मू-कश्मीर(Jammu & Kashmir) का रास्ता तय करने में अपनी भूमिका निभाना चाहेंगे.

क्यों किया फारुख अब्दुल्ला ने मना

गौरतलब है कि बीते 15 जून को दिल्ली में ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्ष की एक अहम् बैठक हुई थी. फारूक अब्दुल्ला(Farooq Abdullah) उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर(Kashmir)अभी एक महत्वपूर्ण मोड़ से गुजर रहा है और वह अभी सक्रिय राजनीति में ही रहना चाहते हैं. वह जम्मू-कश्मीर और देश की सेवा में सकारात्मक योगदान देने के लिए तत्पर हैं. नाम प्रस्तावित करने के लिए पश्चिम बंगाल(West Bengal) की सीमए ममता दीदी का आभारी हूं.

फारूक अब्दुल्ला(Farooq Abdullah) का कहना है की, इन अनिश्चित समय को नेविगेट करने में मदद करने के लिए मेरे प्रयासों की आवश्यकता है. मेरे आगे बहुत अधिक सक्रिय राजनीति है. मैं जम्मू-कश्मीर(Jammu & Kashmir) और देश की सेवा में सकारात्मक योगदान देने के लिए तत्पर हूं.

ख़बरों की माने तो, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रपति चुनाव (President Election) में पार्टी की सभी राज्य इकाइयों (State Units) और सहयोगी दलों (Allies) के बीच बेहतर समन्वय के लिए शुक्रवार को 14-सदस्यीय दल (Management Team) का गठन किया है. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में सभी दलों ने शरद पवार (Sharad Pawar) के नाम का सुझाव दिया लेकिन बैठक में मौजूद पवार ने खुद ही उम्मीदवारी से साफ़ मना कर दिया था.

हालाँकि, बैठक में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) और गोपाल कृष्ण गांधी (Gopal Krishna Gandhi) के नाम का भी प्रस्ताव रखा था. लेकिन फारूक अब्दुल्ला(Farooq Abdullah) के नाम से राष्ट्रपति चुनाव(Presidential election) के लिए काफ़ी नेताओं को एतराज़ था. फारूक अब्दुल्ला(Farooq Abdullah) अभी सिर्फ जम्मू-कश्मीर पर ध्यान देना चाहते हैं क्योकि उनका मानना है की अभी जम्मू-कश्मीर को उनकी सबसे ज्यादा ज़रूरत है.

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.