September 25, 2022
President Droupadi Murmu gave assurance, India is committed to helping Sri Lanka

President Droupadi Murmu gave assurance, India is committed to helping Sri Lanka

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President Droupadi Murmu: श्रीलंका की आर्थिक हालात वैसे भी बहुत खराब चल रहें हैं. श्रीलंका में एक तरीके से देखा जाए तो ग्रह युद्ध छिडा हुआ है. इस बीच भारत की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को बधाई देते हुए कहा कि भारत आर्थिक संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में श्रीलंका के लोगों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है.

राष्ट्रपति मुर्मू ने लिखा पत्र

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति मुर्मू ने श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे को लिखे एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने भारत की पड़ोसी पहले नीति पर जोर दिया है. पत्र में कहा गया है, “एक करीबी पड़ोसी के रूप में, भारत हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति द्वारा निर्देशित आर्थिक संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में श्रीलंका के लोगों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

बता दें की, राष्ट्रपति मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने पत्र में आशा व्यक्त की, कि साझा विरासत और लोगों से लोगों के गहरे संबंधों पर आधारित दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही द्विपक्षीय साझेदारी और मजबूत होगी.

इसके साथ ही श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा की, “मैं भारत के राष्ट्रपति का पद ग्रहण करने पर बधाई के आपके गर्मजोशी भरे पत्र के लिए आपको धन्यवाद देना चाहता हूं. मैं श्रीलंका की संसद द्वारा आपके हाल ही में श्रीलंका के 8वें राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर आपको बधाई देने का अवसर लेता हूं.”

राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने द्रौपदी मुर्मू दी थी बधाई

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, इससे पहले, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने द्रौपदी मुर्मू के भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने पर उन्हें बधाई दी. और कहा कि वह इस दिशा में उनके साथ मिलकर काम करने की उम्मीद कर रहे हैं.

रानिल विक्रमसिंघे ने एक बयान में कहा की, “महामहिम श्रीमती, भारत गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू, भारत गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में आपके पदभार ग्रहण करने पर श्रीलंका की सरकार और लोग मेरे साथ हैं.”

भारत और श्रीलंका के संबंधों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि,

“दोनों देश सहस्राब्दियों से लोगों से लोगों के बीच बातचीत के दौरान गर्म और लंबे समय तक संबंधों का आनंद लेते हैं. और मुझे खुशी है कि दोनों देशों के बीच दोस्ती के समय-परीक्षण के बंधन लगातार बढ़ते हुए मजबूत होते जा रहे हैं. सामरिक हितों के कई क्षेत्रों में सहयोग और समर्थन जो हम साझा करते हैं. आपका नेतृत्व हमारे सौहार्दपूर्ण संबंधों को पोषित करने और मजबूत करने के हमारे संयुक्त प्रयासों को नई गति प्रदान करता है और मैं इस दिशा में आपके साथ मिलकर काम करने की आशा करता हूं.”

“पहले पड़ोसी” की नीती पर चला है भारत

भारत अपनी ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत कर्ज में डूबे द्वीप देश की मदद के लिए हमेशा आगे आया है. हाल ही में, भारत ने पिछले 10 वर्षों में श्रीलंका को 1,850.64 मिलियन अमरीकी डॉलर की 8 लाइन ऑफ़ क्रेडिट (LOCs) प्रदान की हैं.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है की, “भारत सरकार ने पिछले 10 वर्षों में रेलवे, बुनियादी ढांचे, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोलियम और उर्वरक सहित क्षेत्रों में श्रीलंका को 8 लाइन ऑफ क्रेडिट (एलओसी) प्रदान किए हैं. जो कि 1,850.64 मिलियन अमरीकी डालर है.”

इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा की,“जनवरी 2022 में, भारत ने सार्क फ्रेमवर्क के तहत श्रीलंका को 400 मिलियन अमरीकी डालर की मुद्रा अदला-बदली की और 6 जुलाई, 2022 तक लगातार एशियाई समाशोधन संघ (ए.सी.यू.) बस्तियों को स्थगित कर दिया. 500 मिलियन अमरीकी डालर की ऋण सहायता श्रीलंका को दी गई थी.”

वैसे तो पिछले दो महीनों के दौरान सरकार और भारत के लोगों द्वारा दान की गई 25 टन से अधिक दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति का मूल्य एसएलआर 370 मिलियन के करीब है. यह लगभग 3.5 बिलियन अमरीकी डालर की आर्थिक सहायता और चावल, दूध पाउडर और मिट्टी के तेल जैसी अन्य मानवीय आपूर्ति की आपूर्ति के अतिरिक्त है.

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