September 25, 2022
Political Influence: भारत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक प्रभाव की खबरों को बताया आधारहीन

Political Influence: भारत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक प्रभाव की खबरों को बताया आधारहीन

Spread the love

Political Influence: श्रीलंका  में नए राष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया चल रही है. जिसमें फ़िलहाल तीन उम्मीदवार हिस्सा ले रहें थे. इस बीच ख़बर आई है कि रानिल विक्रमसिंघे को श्री लंका के नए राष्ट्रपति के रूप में चुन लिया गया है।

राष्ट्रपति चुनावों के बीच ये अफवाहें भी फैलने लगी की भारत श्रीलंका में चल रही प्रक्रिया में कोई दखल अंदाजी कर रहा है. जिसके जवाब में भारत ने बुधवार को मीडिया रिपोर्टों का स्पष्ट रूप से खंडन किया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति पद के लिए संसद में चुनाव (Political Influence) के संबंध में कोई भी बात हो रही है या श्रीलंका में नेताओं को राजनीतिक स्तर पर प्रभावित किया जा रहा है.

क्या कहा भारतीय उच्चायोग ने

ANI की ख़बर के अनुसार, श्रीलंका में चल रहे राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भारत के खिलाफ कई गलत धारणाएँ बनाई जा रहीं हैं. भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया और कहा की,

“हमने श्रीलंकाई संसद में श्रीलंका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के संबंध में श्रीलंका में राजनीतिक नेताओं को प्रभावित करने के लिए भारत की ओर से राजनीतिक स्तर (Political Influence) पर प्रयासों के बारे में निराधार और विशुद्ध रूप से अटकलें मीडिया रिपोर्ट देखी हैं. हम इन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह से गलत बताते हुए स्पष्ट रूप से इनकार करते हैं. वे स्पष्ट रूप से किसी की कल्पना की उपज हैं. यह दोहराया जाता है कि भारत लोकतांत्रिक साधनों और मूल्यों, स्थापित संस्थानों के साथ-साथ संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार श्रीलंका के लोगों की आकांक्षाओं की प्राप्ति का समर्थन करता है. और किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप नहीं करता है.”

इसके साथ ही बता दें की, झूठी मीडिया रिपोर्टों का खंडन करते हुए, भारत ने यह भी दोहराया कि वह लोकतांत्रिक साधनों और मूल्यों के अनुसार श्रीलंका के लोगों की आकांक्षाओं की प्राप्ति का समर्थन करता है और हमेशा करता रहेगा. बता दें की, यह बयान तब आया है जब श्रीलंका के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान आज संपन्न हुआ है. श्रीलंका के सभी सांसदों ने गुप्त मतदान के जरिए मतदान किया. सांसद जीजी पोन्नम्बलम और सेल्वराज काजेंद्रम अनुपस्थित रहे.

तीन उम्मीदवार थे शामिल

श्रीलंका में बीते कई समय से आर्थिक और राजनीतिक संकट आया हुआ है. श्रीलंका में गुस्साई भीड़ ने जिस तरह से राष्ट्रपति भवन पर कब्ज़ा कर लिया था. उसके चलते वहाँ के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) को श्रीलंका छोड़ कर मालदीव भागना पड़ा और इसके साथ ही उनको इस्तीफ़ा भी देना पड़ा. इन्हीं सब संकट के चलते श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था. 

लेकिन उनके राष्ट्रपति बनने के बाद दुसरे राष्ट्रपति चुने जाने की मांग उठने लगी. जिसके चलते आज श्रीलंका में नए राष्ट्रपति के लिए वोटिंग हुई. जानकारी के लिए बता दें की, वोटिंग में तीन उम्मीदवार शामिल थे. जिसमें से एक मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे का नाम शामिल है. अन्य दो उम्मीदवार एसएलपीपी सांसद दुल्लास अल्हापेरुमा और नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) की नेता अनुरा कुमारा दिसानायके हैं.

बता दें की, सदन के 225 सदस्यों ने मतदान किया. ऐसी ख़बरें सामने आई थी की, श्रीलंका के मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा ने कल राष्ट्रपति पद की दौड़ से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली और कहा कि वह शीर्ष पद के लिए प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार दुल्लास अल्हाप्परुमा का समर्थन कर रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.