POK: पाक अधिकृत कश्मीर में होने जा रहे 31 साल बाद निकाय चुनाव

POK: पाक अधिकृत कश्मीर में 31 साल बाद बड़ा बदलाव होने जा रहा है. स्थानीय मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, पाक अधिकृत कश्मीर में 31 साल बाद पार्टी के आधार पर सितंबर के महीने में स्थानीय निकाय चुनाव होंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त अब्दुल रशीद सुलेहरिया ने मंगलवार को एक मीडिया सम्मेलन में चुनाव आयोग के सदस्यों के साथ यह घोषणा की है.

पाक अधिकृत कश्मीर में होंगे चुनाव

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, पाक अधिकृत कश्मीर में 31 साल के लम्बे समय के बाद स्थानीय निकाय चुनाव होने जा रहें हैं. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से सीईसी जस्टिस सेवानिवृत्त सुलेहरिया ने कहा, “एजेएंडके की शीर्ष अदालत ने हमें 12 अक्टूबर, 2022 से पहले चुनाव कराने की समय सीमा दी है. लेकिन हम इस साल सितंबर के महीने में चुनाव कराने के लिए तैयार हैं.”

बता दें की, चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ सदस्य फारूक नियाज के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एक अन्य सदस्य फरहत अली मीर ने कहा कि व्यवस्थाओं के लिए पहला चरण परिसीमन था जो समय पर पूरा हो गया था जबकि दूसरे चरण में मतदाता सूचियों का पूरा होना था. जिसकी कार्य समय सीमा से पहले ही हासिल कर लिया गया है.

मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, फरहत अली मीर ने आगे जानकारी दी है की चुनावों पर 90 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे और इस संबंध में चुनाव आयोग को अब तक 30 करोड़ रुपये मिले हैं. पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट ने मतदान अधिकारी के हवाले से बताया कि 5,192 से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि आम चुनावों में केवल 5,123 मतदान केंद्र थे.

चुनाव प्रक्रिया में नहीं हुआ कोई बदलाव

पाकिस्तान मीडिया की माने तो, इन चुनावों में बदलाव के बारे में पूछे जाने पर, फरहत अली मीर ने कहा कि स्थानीय सरकार की चुनाव प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है. और इन्हें 1991 के स्थानीय निकाय चुनावों की तरह ही आयोजित किया जाएगा. पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में हो रहे ये चुनाव POK के लिए एक नई उम्मीद है. चुनाव होने के बाद वहां पर कुछ बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है.

बता दें की, आजाद जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री सरदार तनवीर इलियास (Sardar Tanveer Ilyas) ने कहा कि, उनकी सरकार शीर्ष अदालत के निर्देश के अनुसार स्थानीय निकाय (एलबी) चुनाव कराएगी. ऐसा बताया जा रहा है की, बैरिस्टर सुल्तान महमूद चौधरी ने चुनाव आयोग से शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के अपने प्रयासों को दोगुना करने को कहा था.

जानकारी के लिए बता दें की, पाकिस्तान ने पिछले साल गिलगिट-बाल्टिस्तान में भी विधानसभा चुनाव कराया था. जिसका विरोध करते हुए भारत ने कहा था कि सैन्य कब्जे वाले क्षेत्र की स्थिति को बदलने के लिए किसी भी कार्रवाई का पाकिस्तान के पास कोई कानूनी आधार नहीं है. भारत सरकार ने पाकिस्तान (Pakistan) को कई बार यह स्पष्ट रूप से बताया है कि गिलगिट और बाल्टिस्तान क्षेत्रों सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत (India) का ही हिस्सा है.

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