Indian Science Congress में पीएम मोदी ने महिलाओं को लेकर कहीं ये बातें

Indian Science Congress: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वैज्ञानिक अनुसंधान (Indian Science Congress) में महिलाओं की भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज और विज्ञान की प्रगति का प्रतिबिंब है.

प्रधानमंत्री मोदी ने 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (Indian Science Congress) को अपने वर्चुअल संबोधन में कहा है की, “आज देश की सोच सिर्फ यह नहीं है कि महिलाओं को विज्ञान के माध्यम से सशक्त किया जाए. बल्कि विज्ञान को भी महिलाओं की भागीदारी से सशक्त बनाया जाए.”

Indian Science Congress में पीएम मोदी ने महिलाओं के पक्ष में रखे अपने विचार

इंडियन एक्सप्रेस से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जनवरी को 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (Indian Science Congress) का वर्चुअली उद्घाटन किया है. इस कार्यक्रम (Indian Science Congress) की मेजबानी राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) ने अपने अमरावती रोड परिसर में की थी.

इस आयोजन का विषय ‘महिला अधिकारिता के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ है. वार्ता और प्रदर्शनियां आम जनता के लिए खुली हैं. कार्यक्रम (Indian Science Congress) का उद्घाटन करते हुए, पीएम मोदी ने कहा है की, “विज्ञान को भारत को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए.

Indian Science Congress में पीएम मोदी ने महिलाओं को लेकर कहीं ये बातें
Indian Science Congress में पीएम मोदी ने महिलाओं को लेकर कहीं ये बातें

विज्ञान के प्रयास तभी फल दे सकते हैं. जब वे प्रयोगशालाओं से जमीन पर जाएं. 2023 को बाजरा के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में घोषित किए जाने के साथ, भारत के बाजरा और उनका उपयोग होना चाहिए.

पीएम ने कहा विज्ञान और शोध को नई गति देना है

विज्ञान के उपयोग से और बेहतर हुआ.  पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद विज्ञान और शोध को नई गति देना है. उन्होंने कहा कि विज्ञान के प्रयास तभी फल दे सकते हैं. जब उन्हें प्रयोगशालाओं से जमीन पर ले जाया जाए.

कांग्रेस (Indian Science Congress) के तकनीकी सत्रों को 14 वर्गों में विभाजित किया गया है. विश्वविद्यालय में विभिन्न स्थानों पर एक तरह के सत्र (Indian Science Congress) आयोजित किए जाएंगे. इन सत्रों के अलावा, एक महिला विज्ञान कांग्रेस, एक किसान विज्ञान कांग्रेस, एक बाल विज्ञान कांग्रेस, एक जनजातीय बैठक और विज्ञान और समाज पर एक खंड होगा.

मेगा एक्सपो ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ है

मंत्रालय ने कहा है की, “पूर्ण सत्र में अंतरिक्ष, रक्षा, आईटी और चिकित्सा अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों के नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रमुख भारतीय और विदेशी शोधकर्ता, विशेषज्ञ और टेक्नोक्रेट शामिल होंगे.”

इस आयोजन (Indian Science Congress) का एक विशेष आकर्षण मेगा एक्सपो ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ है. प्रमुख विकास, प्रमुख उपलब्धियां और भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बड़े पैमाने पर महत्वपूर्ण योगदान को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा. जो वैज्ञानिक दुनिया के पूरे कैनवास को कवर करने वाले सैकड़ों नए विचारों, नवाचारों और उत्पादों को एक साथ लाता है और प्रदर्शित करता है.

विज्ञान के क्षेत्र में भारत तेजी से दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो रहा है

प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत तेजी से दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो रहा है. आगे उन्होंने कहा की, “जिस वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आज का भारत आगे बढ़ रहा है. उसका परिणाम भी हम देख रहे हैं. भारत तेजी से विज्ञान के क्षेत्र में विश्व के शीर्ष देशों में से एक बन रहा है.”

आगे पीएम मोदी ने कहा है की, “भारत की वैज्ञानिक शक्ति की भूमिका ऊंचाई में बहुत महत्वपूर्ण होगी.” जिस पर भारत अगले 25 वर्षों में होगा. जब देश की सेवा करने का संकल्प विज्ञान के प्रति जुनून के साथ जुड़ जाता है. तो परिणाम भी अभूतपूर्व आते हैं.” पीएम मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि डेटा विश्लेषण किस तरह तेजी से आगे बढ़ रहा है.”

पीएम मोदी ने कहा की, “भारत की 21वीं सदी में, हमारे पास दो चीजें प्रचुर मात्रा में हैं. डेटा और प्रौद्योगिकी. ये भारत के विज्ञान को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं. डेटा विश्लेषण तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह जानकारी को अंतर्दृष्टि और विश्लेषण को कार्रवाई योग्य ज्ञान में बदलने में मदद करता है.”

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